पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) शारदीय नवरात्र को लेकर राजधानी पटना के प्रसिद्ध महावीर मंदिर में तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो गई हैं। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी मंदिर परिसर में माता का भव्य दरबार सजाया जाएगा। इसके लिए भव्य 3D पंडाल के निर्माण का कार्य शुरू हो चुका है। पंडाल में माता की भव्य प्रतिमा स्थापित की जाएगी।
महावीर मंदिर परिसर में प्रारंभ से ही दुर्गा पूजा का आयोजन होता आ रहा है। श्री महावीर स्थान न्यास समिति के सचिव सायण कुणाल के अनुसार, उनके पिता एवं महावीर मंदिर के संस्थापक सचिव पद्मश्री आचार्य किशोर कुणाल ने मंदिर परिसर में दुर्गा पूजा की शुरुआत कराई थी। तभी से यहां प्रत्येक वर्ष दुर्गा पूजा का आयोजन किया जा रहा है।
महावीर मंदिर में दुर्गा पूजा के दौरान माता का दरबार और भव्य पंडाल देखने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु परिवार और बच्चों के साथ पहुंचते हैं। नवरात्र के दौरान मंदिर परिसर में देर रात तक श्रद्धालुओं की भीड़ बनी रहती है।
श्रद्धालुओं की भीड़ को लेकर तैयारी-
नवरात्र के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए मंदिर प्रबंधन की ओर से भीड़ नियंत्रण, सुचारू दर्शन व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुविधाओं को लेकर तैयारियां की जा रही हैं। इस दौरान मंदिर परिसर में विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण देखने को मिलेगा।
सायण कुणाल ने बताया कि इस बार भी मंदिर परिसर में भव्य पंडाल का निर्माण कराया जा रहा है। दुर्गा पूजा के दौरान पंडाल और माता की प्रतिमा के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं और भक्तों की भीड़ देर रात तक रहती है।
सनातन संस्कृति में नवरात्र का महत्व-
सनातन धर्म में नवरात्र को प्रमुख पर्व माना जाता है। नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है। शारदीय नवरात्र आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से शुरू होकर नवमी तक चलता है, जबकि दसवें दिन विजयादशमी मनाई जाती है।
नवरात्र के दौरान पूजा-पाठ, उपवास, सात्विक भोजन, प्रार्थना और साधना के माध्यम से आत्मअनुशासन और मानसिक शांति की ओर बढ़ने की परंपरा है। यह पर्व नकारात्मकता, अहंकार, क्रोध और लोभ जैसी प्रवृत्तियों पर विजय का संदेश भी देता है।
विशेष पूजा-अर्चना और अनुष्ठान-
महावीर मंदिर में नवरात्र के दौरान विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम के अनुसार 11 अक्टूबर, रविवार: प्रतिपदा के दिन कलश स्थापना के साथ नवरात्र की शुरुआत। 17 अक्टूबर, शनिवार: सप्तमी के दिन माता का पट खोला जाएगा। 18 अक्टूबर, रविवार: महाअष्टमी का आयोजन। 19 अक्टूबर, सोमवार: नवमी के अवसर पर विशेष हवन का आयोजन। 21 अक्टूबर, बुधवार: विजयादशमी का आयोजन।
