फुलवारीशरीफ, अजीत। एम्स पटना के सामुदायिक एवं पारिवारिक चिकित्सा विभाग की ओर से पोषण माह 2026 के तहत मध्य विद्यालय, कराई गांव में मेगा पोषण माह कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम में करीब 426 छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और स्थानीय लोगों ने भाग लिया. इस वर्ष पोषण माह की थीम ‘हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ रही।
एम्स पटना के कार्यकारी निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रो. (ब्रिग.) डॉ. राजू अग्रवाल ने बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य के लिए उचित पोषण, रोगों की रोकथाम, स्वास्थ्य संवर्धन और सामुदायिक भागीदारी को जरूरी बताया. उन्होंने कहा कि बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य की जिम्मेदारी केवल स्वास्थ्य संस्थानों की नहीं, बल्कि परिवार, विद्यालय, पंचायत, आंगनवाड़ी और पूरे समुदाय की साझा जिम्मेदारी है।
सामुदायिक एवं पारिवारिक चिकित्सा विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) संजय पांडेय ने संतुलित आहार, पर्याप्त पोषण और स्वस्थ जीवनशैली के महत्व पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि पोषण संबंधी जागरूकता को समुदाय के स्तर तक पहुंचाना जरूरी है. अजवां गांव के मुखिया ने भी स्वास्थ्य और पोषण से जुड़ी गतिविधियों में स्थानीय लोगों की सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया।
कार्यक्रम में ‘सही पोषण, स्वस्थ जीवन’ विषय पर जागरूकता सत्र आयोजित किया गया. नुक्कड़ नाटक के माध्यम से ‘पोषण से शक्ति, शक्ति से प्रगति’ का संदेश दिया गया. पोषण मेले में ‘मेरी पोषण थाली’, प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ और स्वस्थ नाश्ता, पौष्टिक व्यंजन प्रदर्शन, हाथ धोने की सही विधि, स्वच्छता, पोषण प्रश्नोत्तरी सहित कई गतिविधियां आयोजित की गईं।
बच्चों को संतुलित एवं विविध आहार, पर्याप्त प्रोटीन और व्यक्तिगत स्वच्छता के महत्व की जानकारी सरल तरीके से दी गई. बच्चों ने विभिन्न गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया और पोषण व हाथ धोने की शपथ ली. कार्यक्रम में एम्स के संकाय सदस्य, रेजिडेंट चिकित्सक, इंटर्न और कर्मचारी के साथ विद्यालय प्रशासन, शिक्षक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और स्थानीय समुदाय के लोग शामिल हुए।
