बिहार

संवैधानिक संस्थाओं का मोदी अमित शाह दुरुपयोग करके भाजपा के प्रकोष्ठ के तौर पर इस्तेमाल कर रहे हैं जिससे संविधान और लोकतंत्र को कमजोर किया जा रहा है : नेता प्रतिपक्ष

पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष सह नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने पटना के 01, पोलो रोड स्थित आवास पर संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि संविधान और लोकतंत्र को किस प्रकार भाजपा खत्म करना चाह रही है और किस तरह से मोदी जी और अमित शाह लोकतांत्रिक व्यवस्था को बर्बाद कर रहे हैं, यह रिपोर्ट से सामने आ गया है। गंभीर सवालात इस रिपोर्ट में सामने आए हैं और दोनों चुनाव आयुक्त ने शिकायत भी दर्ज करवाई है मुख्य चुनाव आयुक्त के कार्य प्रणाली पर। जिस तरह से दोनों चुनाव आयुक्त ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर सवाल उठाए हैं इस मामले पर वह चुप क्यों है? उन्हें सामने आकर जवाब देना चाहिए।

लेकिन चुनाव आयोग के द्वारा जो प्रेस रिलीज जारी की गई है उसे अमित शाह के द्वारा लिखवाया गया है। इन्होंने कहा कि बिहार में जब एस आई आर हो रहे थे तब सबसे पहले राष्ट्रीय जनता दल और मैंने सवाल खड़ा किया था और इस मामले पर न्याय के लिए सुप्रीम कोर्ट तक गए थे। रिपोर्ट में जिन बातों का खुलासा हुआ है ,उसमें मुख्य चुनाव आयुक्त को भाजपा का संरक्षण मिल रहा है यह बातें सामने आई है।और किस तरह से मनमाने ढंग से बिहार , पश्चिम बंगाल सहित पूरे देश भर में एस आई आर करवाए गए और किस तरह से चुनाव आयोग ने अपने अधिकार क्षेत्र का दुरुपयोग करके बिहार और पश्चिम बंगाल सहित अन्य राज्यों में बीजेपी को चुनाव जितवाने के लिए काम किया ये बातें स्पष्ट रूप से सामने आ गई।

दोनों चुनाव आयुक्त को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के मनमानी और उनके कार्य प्रणाली पर शिकायत दर्ज करवाई है, वो भी सामने आ गया। लेकिन चुनाव आयोग ने सुबुत को ही समाप्त करने के लिए चालाकी से नियमों को बदल दिया आज चुनाव परिणाम के बाद ईवीएम कम समय के लिए रखने का प्रावधान किया है यह स्पष्ट रूप से होने वाले धांधली के सुबोध को मिटाने का कार्य है। किस तरह से चुनाव आयोग ने नियमों की धज्जियां उड़ाई यह भी बात सामने आ गई है।

तेजस्वी ने आगे कहा कि पहले मुख्य चुनाव आयुक्त के चयन में माननीय सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की भूमिका होती थी लेकिन उसको नरेंद्र मोदी की सरकार ने बदल दिया और उसमें मंत्री को शामिल कर लिया। बिहार में चुनाव फर्जी तरीके से कराए गए। मोदी और अमित शाह पहले ही मुख्य चुनाव आयुक्त को लिस्ट दे देते हैं कि इतनी सीटें उनको आनी चाहिए और उसी के अनुसार सीट भाजपा और उसके गठबंधन को आ जाती है। बिहार में मतदान के दिन तक महिलाओं के खाते में दस हजार रुपए आते रहे, लेकिन चुनाव आयोग ने विपक्ष की बातों को अनसुना कर दिया और बिहार में भाजपा गठबंधन को जितवाने का कार्य किया गया।

बिहार और पश्चिम बंगाल में जिस तरह से चुनाव आयोग के द्वारा फर्जी तरीके से चुनाव करवाया गया यह बातें रिपोर्ट में सामने आ गई। इन्होंने बिहार और पश्चिम बंगाल में पुनः चुनाव करवाने की मांग की है। इन राज्यों में मोदी – शाह के द्वारा दिए गए लिस्ट पर ही चुनाव परिणाम की घोषणा की गई। इन्होंने कहा कि 1995 में माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने तीनों चुनाव आयोग के भूमिका पर स्पष्ट रूप से कहा था की तीनों चुनाव आयोग का अधिकार क्षेत्र बराबर है और तीनों को बराबरी का मान्यता है, लेकिन मुख्य चुनाव आयुक्त इस मामले पर भी अपने अधिकार क्षेत्र का इस्तेमाल करके दोनों चुनाव आयुक्त के अधिकार क्षेत्र को कमजोर किया है। इन्होंने कहा कि जनता को पहले मोदी और शाह को हटाना पड़ेगा क्योंकि इन्हीं लोगों ने सारे संस्थाओं को अपने अनुसार इस्तेमाल किया है और सारे संस्थाओं को भाजपा का प्रकोष्ठ बना दिया है। क्या ये लोग बांग्लादेश वाला नतीजा चाहते हैं।

इन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने दोनों चुनाव आयोग के आरोपो का कोई जवाब नहीं दिया और कुछ भी स्पष्ट नहीं किया है। जहां कहीं भी अन्याय होगा उसके खिलाफ आवाज उठाया जाएगा। दोनों चुनाव आयुक्त के अधिकार क्षेत्र में कटौती की गई है इस संबंध में शिकायत भी दर्ज करवाई गई है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। पूरे देश में लोग भाजपा के खिलाफ गुस्से में है इसी कारण आशीर्वाद कि दीप कार्यक्रम पूरी तरह से फ्लॉप रहा। इस अवसर पर संवाददाता सम्मेलन में राजद नेता श्री शक्ति सिंह यादव एवं एजाज अहमद भी उपस्थित थे।

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