बिहार

रैयाम एवं सकरी चीनी मिल क्षेत्र में गन्ना क्षेत्र विस्तार को मिलेगा बढ़ावा, किसानों की आय बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता : श्री संजय कुमार

पटना/दरभंगा, (न्यूज़ क्राइम 24) रैयाम एवं सकरी चीनी मिल क्षेत्र में गन्ना क्षेत्र के समग्र विकास, उन्नत तकनीक के उपयोग, बेहतर पैदावार एवं किसानों की समृद्धि के उद्देश्य से आज जिला प्रेक्षागृह (ऑडिटोरियम), लहेरियासराय, दरभंगा में एक दिवसीय गन्ना किसान संगोष्ठी-सह-प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन माननीय मंत्री, गन्ना उद्योग विभाग, बिहार सरकार श्री संजय कुमार ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

कार्यक्रम में गन्ना किसानों को विभागीय योजनाओं के साथ-साथ गन्ने की उन्नत एवं वैज्ञानिक खेती की तकनीकों की जानकारी दी गई। कार्यशाला के माध्यम से किसानों को गन्ना क्षेत्र विस्तार, गुणवत्तापूर्ण बीज, कृषि यंत्रीकरण, गन्ना नर्सरी, पोषक तत्व प्रबंधन, कीट प्रबंधन एवं प्लांटलेट आधारित खेती जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा व्यावहारिक जानकारी उपलब्ध कराई गई। कार्यक्रम का निर्धारित क्रम भी इन्हीं विषयों पर केंद्रित रहा।

रैयाम-सकरी चीनी मिल क्षेत्र में गन्ना विकास को मिलेगी नई गति

अपने संबोधन में माननीय मंत्री श्री संजय कुमार ने कहा कि गन्ना बिहार के लाखों किसानों की आजीविका और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। राज्य सरकार का प्रयास है कि गन्ना किसानों को बेहतर तकनीक, गुणवत्तापूर्ण बीज, आधुनिक कृषि यंत्र, बेहतर उत्पादन तथा अपनी फसल के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराया जाए।

उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी जी ने 15 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस के अपने संबोधन में बिहार में 25 नई चीनी मिलों की स्थापना का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसी दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सकरी एवं रैयाम चीनी मिलों के शुरू होने से दरभंगा एवं आसपास के क्षेत्रों के गन्ना किसानों को अपने गन्ने के लिए बेहतर एवं नजदीकी बाजार उपलब्ध होगा।

माननीय मंत्री ने कहा कि नई चीनी मिलों की स्थापना से गन्ना क्षेत्र के विस्तार के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार, स्वरोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। सरकार का लक्ष्य गन्ना उत्पादन एवं चीनी उद्योग के विकास को प्रोत्साहित करते हुए बिहार को गन्ना आधारित उद्योग के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाना है।

विभागीय योजनाओं के माध्यम से किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने पर जोर

माननीय मंत्री ने कहा कि विभाग द्वारा बीज विकास योजना, गन्ना यंत्रीकरण योजना, गन्ना नर्सरी योजना एवं गन्ना क्षेत्र विस्तार योजना को प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है। इन योजनाओं के माध्यम से किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज, आधुनिक कृषि तकनीक एवं यंत्रीकरण से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने किसानों से अपील की कि वे विभागीय योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं, प्रमाणित एवं गुणवत्तापूर्ण बीज का उपयोग करें तथा कृषि विशेषज्ञों द्वारा सुझाई गई वैज्ञानिक तकनीकों को अपने खेतों में अपनाएं।

उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य केवल गन्ने का उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि गन्ना किसान को समृद्ध बनाना है। जब किसान समृद्ध होगा, तभी गांव मजबूत होगा, ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और बिहार मजबूत होगा।

तकनीकी सत्र में किसानों को मिली विशेषज्ञों की जानकारी

कार्यक्रम के प्रथम तकनीकी सत्र में सहायक निदेशक ईख विकास, दरभंगा श्री अजित कुमार प्रसाद द्वारा गन्ना फसल क्षेत्र विस्तार कार्यक्रम, गन्ना यंत्रीकरण योजना, गन्ना नर्सरी योजना एवं बीज विकास योजना पर प्रस्तुतीकरण किया गया। इसके बाद ईख पदाधिकारी, लहेरियासराय, दरभंगा श्री पुष्कर राज द्वारा गुड़ इकाई योजना से संबंधित जानकारी दी गई।

ई. अनु.सं., पूसा, समस्तीपुर के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. नवनीत कुमार ने बिहार में गन्ना खेती की नवीनतम तकनीक, गन्ना उत्पादन एवं उत्पादकता बढ़ाने के लिए उत्तम प्रभेद के महत्व तथा एकल गांठ बीज गुणक की आवश्यकता पर किसानों को जानकारी दी। वहीं डॉ. सी.के. झा, वरिष्ठ वैज्ञानिक, मृदा विज्ञान विभाग, ई. अनु.सं., पूसा ने गन्ने की खेती में पोषक तत्व प्रबंधन एवं एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन के संबंध में किसानों को वैज्ञानिक जानकारी दी।

विभागीय अधिकारियों ने किसानों को दिया मार्गदर्शन

कार्यक्रम में ईखायुक्त, गन्ना उद्योग विभाग, बिहार सरकार श्री अनिल कुमार झा ने किसानों को मार्गदर्शन देते हुए गन्ना क्षेत्र के विकास, आधुनिक तकनीक के उपयोग एवं विभागीय योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में दरभंगा के जिलाधिकारी श्री कौशल कुमार द्वारा स्वागत संबोधन एवं विभागीय गतिविधियों से संबंधित जानकारी भी दी गई।

कीट प्रबंधन से लेकर प्लांटलेट आधारित खेती तक दी गई जानकारी

कार्यक्रम के द्वितीय तकनीकी सत्र में डॉ. अनिल कुमार, वरिष्ठ वैज्ञानिक, कीट विज्ञान विभाग, ई. अनु.सं., पूसा द्वारा गन्ना फसल में कीट प्रबंधन विषय पर किसानों को जानकारी दी गई।

इसके बाद प्रगतिशील उन्नत कृषक श्री अवधेश कुमार मिश्र ने गन्ने में अधिक उत्पादकता हेतु उन्नत खेती के अपने अनुभव साझा किए। वहीं प्रगतिशील उन्नत कृषक श्री मिथिलेश कुमार राय ने प्लांटलेट्स पर आधारित गन्ने की खेती के लाभ के बारे में किसानों को जानकारी दी।

गन्ना आधारित उद्योगों के विकास पर भी जोर-

माननीय मंत्री श्री संजय कुमार ने कहा कि राज्य में बिहार गन्ना उद्योग निवेश प्रोत्साहन नीति-2026 के माध्यम से नई चीनी मिलों की स्थापना, निवेश आकर्षित करने तथा गन्ना आधारित उद्योगों के विस्तार को गति देने का प्रयास किया जा रहा है। इसके साथ ही गुड़ उद्योग एवं एथेनॉल सहित अन्य सहायक उद्योगों को बढ़ावा देकर गन्ने के बेहतर उपयोग और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों का विस्तार किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि गन्ना उद्योग के विकास के लिए किसान, चीनी मिल और सरकार—तीनों की सहभागिता आवश्यक है। विभाग, जिला प्रशासन, सहकारी संस्थाओं, चीनी मिल प्रबंधन एवं किसानों के समन्वित प्रयास से गन्ना उद्योग के विकास का मजबूत मॉडल तैयार किया जा सकता है।

माननीय मंत्री ने कहा कि सकरी एवं रैयाम चीनी मिलों के शुरू होने से इस क्षेत्र के गन्ना किसानों के लिए विकास और समृद्धि के नए द्वार खुलेंगे। नई चीनी मिलों के साथ गन्ना क्षेत्र का विस्तार, आधुनिक तकनीक का उपयोग और विभागीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किसानों के लिए नई आर्थिक दिशा तय करेगा।

कार्यक्रम के अंत में संयुक्त ईखायुक्त, गन्ना उद्योग विभाग, बिहार, पटना श्री वेदव्रत कुमार द्वारा धन्यवाद ज्ञापन किया गया। इसके पश्चात निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार भोजनावकाश के बाद द्वितीय तकनीकी सत्र आयोजित किया गया।

माननीय मंत्री ने किसानों का आह्वान करते हुए कहा कि हमें मिलकर गन्ने का क्षेत्र बढ़ाना, गुणवत्तापूर्ण बीज अपनाना, आधुनिक तकनीक एवं यंत्रीकरण को बढ़ावा देना और विभागीय योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र किसान तक पहुंचाना है। यही प्रयास बिहार के गन्ना किसानों को समृद्ध और राज्य के गन्ना उद्योग को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।

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