फुलवारीशरीफ, अजीत। कायस्थ चित्रगुप्त सेना बिहार प्रदेश महिला मोर्चा की एक महत्वपूर्ण बैठक सेनाध्यक्ष पाण्डेय अखिलेश कुमार श्रीवास्तव की अध्यक्षता में पटना के एक्जीबिशन रोड स्थित वृंदावन कुंज में आयोजित की गई. बैठक में प्रस्तावित बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव एवं कायस्थ समाज की राजनीतिक भागीदारी पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए सेनाध्यक्ष पाण्डेय अखिलेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि कायस्थ समाज ने हमेशा राष्ट्रहित और लोकतांत्रिक मूल्यों को सर्वोपरि रखा है तथा विभिन्न राजनीतिक दलों को समय-समय पर समर्थन देकर उन्हें मजबूत बनाने का कार्य किया है. उन्होंने कहा कि समाज अब केवल वोट बैंक बनकर नहीं रहना चाहता, बल्कि सम्मानजनक राजनीतिक प्रतिनिधित्व और निर्णय प्रक्रिया में उचित भागीदारी चाहता है।
उन्होंने कहा कि बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में कायस्थ समाज की जनसंख्या एवं राजनीतिक भूमिका काफी महत्वपूर्ण रही है. यदि किसी भी राजनीतिक दल द्वारा समाज की उपेक्षा की जाती है तो उसका जवाब लोकतांत्रिक तरीके से मतपेटी के माध्यम से दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि कायस्थ बहुल बांकीपुर क्षेत्र से किसी कायस्थ उम्मीदवार को टिकट नहीं मिलने की स्थिति में समाज व्यापक स्तर पर विचार-विमर्श कर आगे की रणनीति तय करेगा।
सेनाध्यक्ष ने कहा कि मई माह से ही बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में घर-घर जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है. विभिन्न वार्डों एवं मोहल्लों में संगठनात्मक समितियों का गठन कर मतदाताओं से संवाद स्थापित किया जा रहा है. उन्होंने दावा किया कि समाज के लोगों ने राजनीतिक प्रतिनिधित्व के मुद्दे पर गंभीर चिंता व्यक्त की है।
उन्होंने कहा कि यदि किसी राष्ट्रीय या क्षेत्रीय दल द्वारा कायस्थ उम्मीदवार को मौका दिया जाता है तो समाज उसका समर्थन करेगा, लेकिन उपेक्षा की स्थिति में सभी संगठनों के साथ मिलकर व्यापक स्तर पर कायस्थ महापंचायत बुलाने तथा आगे की रणनीति तय करने पर विचार किया जाएगा। महिला मोर्चा अध्यक्ष नीलम कर्ण ने कहा कि राजनीतिक दलों द्वारा लगातार उपेक्षा किए जाने से समाज में असंतोष बढ़ा है. उन्होंने कहा कि आगामी चुनावों में कायस्थ समाज अपनी राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन करेगा तथा अपने हितों और सम्मान के अनुरूप निर्णय लेगा।
बैठक में महिला वक्ताओं ने कहा कि बांकीपुर उपचुनाव केवल एक चुनाव नहीं, बल्कि समाज के सम्मान, प्रतिनिधित्व और राजनीतिक भागीदारी की भी परीक्षा है. समाज अब अपने अधिकारों और हितों को लेकर पूरी तरह जागरूक एवं संगठित है। बैठक में नीलम कर्ण, प्रमिला वर्मा, अर्चना सिन्हा, डॉ. आरती, वीणा वर्मा, अलका सिन्हा सहित सैकड़ों महिलाओं ने भाग लिया. कार्यक्रम में समाज की राजनीतिक भागीदारी को मजबूत करने तथा आगामी उपचुनाव को लेकर व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाने का निर्णय लिया गया।
