बिहार

बिहार के आम की मिठास अब दुनिया के बाजारों तक, बामेती में आम महोत्सव-2026 का भव्य आगाज

फुलवारीशरीफ, अजीत। बिहार की बागवानी क्षमता को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत पटना स्थित बिहार कृषि प्रबंधन एवं प्रसार प्रशिक्षण संस्थान (बामेती) परिसर में शुक्रवार से तीन दिवसीय आम महोत्सव-2026 का शुभारंभ हुआ. कृषि विभाग के उद्यान निदेशालय द्वारा आयोजित इस राज्यस्तरीय महोत्सव का उद्घाटन बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने किया. 21 जून तक चलने वाले इस आयोजन में राज्य भर से आए किसान, कृषि वैज्ञानिक, उद्यमी, निर्यातक, छात्र-छात्राएं और आम प्रेमी शामिल हो रहे हैं।

उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि बिहार की पहचान केवल अपनी गौरवशाली संस्कृति और इतिहास से नहीं, बल्कि यहां के किसानों की मेहनत और कृषि समृद्धि से भी है. उन्होंने कहा कि भागलपुर का जर्दालू आम और पटना का दुधिया मालदह आज देश की सीमाएं पार कर विदेशों में भी बिहार का नाम रोशन कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि लीची, मखाना, मगही पान, कतरनी चावल और मर्चा धान जैसे उत्पादों को प्राप्त जीआई टैग बिहार की गुणवत्ता और विशिष्टता का प्रमाण है।

कृषि मंत्री ने कहा कि फल और फूलों की खेती किसानों के लिए एटीएम की तरह है, जो पूरे वर्ष आय का मजबूत स्रोत बन सकती है. उन्होंने बताया कि बिहार देश में सब्जी उत्पादन में चौथे और फल उत्पादन में आठवें स्थान पर है. मखाना, लीची और मशरूम उत्पादन में राज्य प्रथम स्थान पर है, जबकि आम और आलू उत्पादन में तीसरे स्थान पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराता है।

उन्होंने कहा कि किसानों को बेहतर बाजार और उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए राज्य सरकार कृषि उत्पाद निर्यात नीति तैयार कर रही है. उन्होंने बताया कि एपिडा का कार्यालय बिहार में खुल चुका है और बिहटा स्थित एक्सपोर्ट पैक हाउस को हाल ही में निर्यात की स्वीकृति प्राप्त हुई है. इसके बाद बिहार से आम और लीची का निर्यात तेजी से शुरू हो गया है. 12 जून को जर्दालू, बम्बईया और दुधिया मालदह आम के दो कंटेनर दुबई भेजे गए हैं, जबकि बांका से आम अमेरिका निर्यात किया गया है. इसके अलावा लीची भी दुबई भेजी गई है।

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कृषि मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रही है. महोत्सव में आम के कीट और रोगों की पहचान के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित प्लांटिक्स एप का लाइव प्रदर्शन किया गया. इसके माध्यम से किसान मोबाइल फोन से फसलों की बीमारी पहचानकर समय पर उपचार कर सकेंगे. साथ ही आधुनिक स्वचालित बागवानी प्रणाली तथा संवर्धित और आभासी वास्तविकता तकनीक के जरिए आम के बागों का अनुभव भी उपलब्ध कराया गया।

उन्होंने किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से मिट्टी की उर्वरता प्रभावित हो रही है. प्राकृतिक खेती से न केवल भूमि की गुणवत्ता संरक्षित होगी बल्कि आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण भी मिलेगा।

महोत्सव में बच्चों के लिए आम खाओ प्रतियोगिता, छात्रों के लिए कृषि आधारित प्रश्नोत्तरी और युवाओं के लिए विभिन्न ज्ञानवर्धक कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं. कृषि विभाग के प्रधान सचिव ने कहा कि बिहार में करीब 1.6 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में 15.84 लाख मीट्रिक टन आम का उत्पादन होता है. उन्होंने किसानों से आधुनिक तकनीकों और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर उत्पादन और निर्यात बढ़ाने का आह्वान किया। समारोह के अंत में कृषि मंत्री ने किसानों, वैज्ञानिकों, अधिकारियों और विद्यार्थियों को महोत्सव की सफलता के लिए बधाई देते हुए कहा कि आधुनिक कृषि तकनीक, बागवानी विस्तार और प्राकृतिक खेती के माध्यम से बिहार कृषि विकास के नए शिखर को छूने की ओर अग्रसर है. उन्होंने “जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान, जय अनुसंधान, जय बिहार” के उद्घोष के साथ अपने संबोधन का समापन किया।

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