अररिया, रंजीत ठाकुर। नरपतगंज प्रखंड क्षेत्र के उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय बरदाहा बीएमसी में सोमवार को दर्जनों ग्रामीणों ने विभिन्न मांगों को लेकर घंटों प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने विभागीय अधिकारियों से मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीण विद्यालय की प्रधानाध्यापिका फरीदा खातून पर कई गंभीर आरोप लगा रहे थे। सूचना मिलने पर मुखिया एकलव्य सिंह एवं पंचायत समिति सदस्य प्रतिनिधि संतोष यादव मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण जांच एवं कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। ग्रामीणों में मो. जैनुद्दीन, उषा देवी, जन्नत खातून, मो. रिजवान, मो. इरशाद, मनजीत कुमार, रितेश कुमार पासवान, मदन पासवान, मो. फिरोज, मो. सोहेल, मो. चांद, सुभाष कुमार पासवान, नूर आलम सहित अन्य लोगों ने आरोप लगाया कि विद्यालय की प्रधानाध्यापिका बहुत कम विद्यालय आती हैं और उनके पति द्वारा विद्यालय का संचालन किया जाता है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि विद्यालय में चावल चोरी की बात कहकर मध्यान्ह भोजन योजना में अनियमितता बरती जा रही है। छात्र-छात्राओं से विद्यालय परित्याग प्रमाण पत्र के नाम पर अवैध वसूली की जाती है तथा विद्यालय शिक्षा समिति का गठन भी फर्जी तरीके से किया गया है। आक्रोशित ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि विभाग द्वारा मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई नहीं की गई तो सभी ग्रामीण एकजुट होकर उग्र आंदोलन करेंगे। इधर, विद्यालय की प्रधानाध्यापिका फरीदा खातून ने ग्रामीणों द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक प्रेरणा से विरोध प्रदर्शन कराया जा रहा है। मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रभारी बीईओ सह डीपीओ रोहित कुमार चौरसिया ने कहा कि मामला संज्ञान में आया है। प्रधानाध्यापिका पर लगाए गए आरोपों की जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर आवश्यक कठोर कार्रवाई की जाएगी।
