पटना, अजित। बिहार में आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) की बड़ी कार्रवाई में किशनगंज के नगर थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर अभिषेक कुमार रंजन के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का बड़ा खुलासा हुआ है. ईओयू की टीम ने पटना, मुजफ्फरपुर, छपरा, किशनगंज समेत कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी कर लगभग 55 करोड़ रुपये से अधिक की चल-अचल संपत्ति के साक्ष्य जुटाए हैं. छापेमारी के दौरान इंस्पेक्टर अभिषेक और उनकी पत्नी किशनगंज में थे .यहां ई ओ यू के अधिकारियों ने बताया के केयर टेकर को बुलाया गया है यहां से कोई विशेष सामग्री नहीं मिली है .इनके कुल छह ठिकाने पर छापेमारी चल रही है।
ईओयू के एडीजी नैय्यर हसनैन खान के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई में शुरुआती जांच में ही ज्ञात आय से 115 प्रतिशत अधिक संपत्ति का मामला सामने आया था, लेकिन जैसे-जैसे छापेमारी आगे बढ़ी, वैसे-वैसे संपत्ति का दायरा बढ़ता गया. सिलीगुड़ी, दार्जिलिंग, दिल्ली, पटना, मुजफ्फरपुर और छपरा तक फैले नेटवर्क में कई भूखंड, फ्लैट, आलीशान मकान और निवेश के प्रमाण मिले हैं, जिनमें कई संपत्तियां रिश्तेदारों के नाम पर खरीदी गई बताई जा रही हैं। सबसे ज्यादा चर्चा पटना के शाहपुर इलाके में स्थित उनके आलीशान मकान की हो रही है.
चार मंजिला इस भवन के ऊपरी तल्ले पर स्विमिंग पूल बनाया गया है, जो आम तौर पर बड़े उद्योगपतियों या उच्च वर्गीय लोगों के घरों में ही देखने को मिलता है. स्थानीय लोगों के अनुसार यह मकान किसी “5 स्टार सुविधा” से कम नहीं है. मकान की अनुमानित कीमत 5 से 6 करोड़ रुपये के बीच आंकी जा रही है और इसकी बनावट व सुविधाएं जांच एजेंसियों के लिए भी हैरानी का विषय बनी हुई हैं। सूत्रों के मुताबिक इंस्पेक्टर अभिषेक कुमार रंजन का रसूख सिर्फ विभाग तक सीमित नहीं था, बल्कि राजनीति और पुलिस महकमे में भी उनकी गहरी पकड़ बताई जाती है. एक प्रभावशाली “झा जी” का उन्हें संरक्षण प्राप्त था, जिसके चलते उनके खिलाफ कार्रवाई करना आसान नहीं माना जाता था. बताया जाता है कि उनके इशारे पर ही कई थानों में पोस्टिंग और तबादले तक प्रभावित होते थे।
पटना में उनकी तैनाती गोपालपुर थाना, संपतचक थाना और बायपास थाना में भी रह चुकी है. इन जगहों पर पोस्टिंग के दौरान उन्होंने मजबूत नेटवर्क खड़ा किया, जहां माफियाओं—खासकर बालू, भू और शराब कारोबार से जुड़े लोगों—से सांठगांठ की बातें सामने आ रही हैं. बदले में भारी आर्थिक लाभ लेने के आरोप भी जांच में सामने आ रहे हैं। जांच एजेंसियों को यह भी जानकारी मिली है कि आरोपी की जीवनशैली बेहद आलीशान थी. मुंबई के 5 सितारा होटल में परिवार के साथ कई दिनों तक ठहरने के बिल, महंगे शौक, वीवीआईपी मेहमानों की विशेष व्यवस्था और लग्जरी जीवन के कई प्रमाण छापेमारी में मिले हैं. किशनगंज में उनकी मेहमाननवाजी की चर्चा आम रही है, जहां बड़े अधिकारियों और वीवीआईपी लोगों को विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती थीं। ईओयू की इस कार्रवाई को बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है. फिलहाल मामले में आगे की जांच जारी है और संभावना जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
