अररिया, रंजीत ठाकुर। नरपतगंज प्रखंड क्षेत्र के सीमावर्ती इलाके में नेपाल से बहने वाली कोसी नदी के छाड़न, नेपाल के नरसिंह टापू स्थित भुतहा से निकलने वाली बलुआही धार से बरसात के समय प्रत्येक वर्ष अचानक कोसी नदी में उफान होने के पश्चात अधिक पानी बहने लगता है जिससे भारतीय क्षेत्र के कई गांव जलमग्न हो जाते है। सैकड़ों एकड़ खेत में लगा फसल बर्बाद हो जाता है लोग त्राहिमाम रहते हैं। इस धार के सीमा से सटे गांव पथराहा, मानिकपुर, अचरा के पूर्वी अधिकांश भाग, नवाबगंज, मधुरा, पोसदाहा, भंगही, के अलावे फारबिसगंज प्रखंड के कुछ भाग प्रभावित हो जाते हैं।
बलुआही धार में बाढ़ की स्थिति का मुख्य कारण:-
बलुआही धार बहुत पुराना धार है। लोगों की माने तो यह धार कोसी के बहने के समय से ही है। धार में कई स्थानों पर विशाल जंगल घेर लिया है। कई किलोमीटर तक लोगों ने धार को खेत बना दिया है। खेत बना लिए जाने से बाढ़ के समय पानी धार के बजाय खेतों से बहने लगता है। जिससे आम जनमानस की छति तो होती ही है। वहीं सरकार को भी इसकी भरपाई करने में करोड़ों रुपया खर्च करना पड़ता है। फिर भी स्थाई समाधान नहीं होता है।
लोगों की मांग:
सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों की मांग उठने लगी है कि सरकार के द्वारा जिस तरह कोसी-मेची परियोजना के तहत नदियों का साफ सफाई किया जा रहा है उसी प्रकार बलुआही धार को भी उस योजना में लेकर सफाई कराया जाय। इस संदर्भ में स्थानीय किसान सह सामाजिक शिक्षक अरविंद कुमार ने कहा कि ,” जल संसाधन विभाग को समस्या के निदान के लिए आगे आना चाहिए साथ ही हम अपने विधानसभा क्षेत्र के विधायक को खबर के माध्यम से अवगत कराना चाहते हैं कि इस मुद्दा को गंभीरता से लें। ताकि क्षेत्र के किसान और सरकार को आर्थिक नुकसान से बचाया जा सके”।
अररिया जिला पार्षद उपाध्यक्ष चांदनी देवी:
जिला पार्षद उपाध्यक्ष अररिया, चांदनी देवी ने कहा कि मेरे द्वारा कई बार बैठक में बलुआही धार का सफाई का मुद्दा उठाया गया है। आज खबर के माध्यम से जल संसाधन विभाग के अधिकारी एवं मंत्री से कहना चाहते हैं कि इस धार को कोसी-मेची परियोजना के तहत सफाई करावे ताकि क्षेत्र के लोगों को बाढ़ से निजात मिल सके और बाढ़ आने से जो सरकार को राहत में करोड़ों रुपया खर्च करना पड़ता है उससे भी बचा जा सकता है।
जदयू जिला अध्यक्ष अररिया,आशीष पटेल:
जदयू जिला अध्यक्ष अररिया आशीष पटेल ने कहा क्षेत्र भ्रमण के दौरान किसानों से रूबरू होकर उनकी समस्याओं को जाना। किसानों ने कहा बलुआही धार समतल हो जाने से प्रत्येक वर्ष फसल बर्बाद हो जाता है। लाखों करोड़ों का नुकसान होता है। हम भी एक किसान हैं। किसानों का दर्द को समझते हैं। इसलिए किसानों के इस समस्या को लेकर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को अवगत कराएंगे।
