पटना, अजित। फर्जी मुकदमे और आजीवन कारावास के विरोध में फुलवारी शरीफ में प्रतिवाद मार्च निकाला गया. मार्च में शामिल लोगों ने आरोप लगाया कि भोरे विधानसभा क्षेत्र के उम्मीदवार कॉमरेड जितेन्द्र पासवान को राजनीतिक द्वेष के कारण फर्जी मुकदमे में फंसाया गया है। मार्च में वक्ताओं ने कहा कि वर्ष 2020 के चुनाव में उन्हें लगभग 400 वोट से हराया गया था. इसके बाद वर्ष 2025 के चुनाव में नामांकन के दौरान उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई. वक्ताओं ने आरोप लगाया कि एनडीए सरकार उनकी लोकप्रियता से घबराई हुई है।
भाकपा माले के प्रखंड सचिव गुरुदेव दास ने भगत सिंह चौक पर सभा को संबोधित करते हुए कहा कि एनडीए सरकार में कानून व्यवस्था पूरी तरह विफल हो चुकी है. उन्होंने आरोप लगाया कि न्याय की मांग करने वाले लोगों को गिरफ्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दूसरी ओर फुलवारी शरीफ में कोचिंग की एक छात्रा के साथ दुष्कर्म कर उसे छत से फेंकने के बाद उसकी मौत हो गई थी. इस घटना के विरोध में न्याय की मांग करने वाले फुलवारी शरीफ के पूर्व विधायक कॉमरेड गोपाल रविदास सहित पांच लोगों को नामजद किया गया तथा सैकड़ों लोगों को अज्ञात अभियुक्त बनाकर फंसाया गया है. इसे लोकतांत्रिक अधिकारों और संविधान पर हमला बताते हुए कहा कि फर्जी मुकदमों में फंसाकर न्याय की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है.इतना ही नहीं पुलिस ने जिन लोगों को पकड़ा था उन्हें छोड़ दिया तो पुलिस को बताना चाहिए ना कि आखिर दोषी कौन है। प्रतिवाद मार्च का नेतृत्व भाकपा माले के प्रखंड सचिव गुरुदेव दास ने किया. मार्च में साधु शरण प्रसाद, देवी लाल पासवान, मंटू साह, भोला चौधरी, शकुंतला देवी, रंजन दास, मो. गोरख सहित दर्जनों लोग शामिल थे।
