औरंगाबाद, मंटू कुमार : 2012 में हुए चर्चित देवेंद्र कुमार उर्फ छोटू मुखिया हत्याकांड मामले में आज व्यवहार न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने इस मामले में काराकाट के सांसद राजाराम सिंह समेत सभी आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है।
करीब 13 साल तक चले इस मुकदमे पर आज अदालत ने अपना अंतिम निर्णय सुनाया, जिससे इलाके में राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज हो गई है। आइए जानते हैं पूरा मामला यह मामला औरंगाबाद जिले का है, जहां 2 मई 2012 को देवेंद्र कुमार उर्फ छोटू मुखिया की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी और हत्या के पीछे राजनीतिक रंजिश की आशंका जताई गई थी। पुलिस ने इस मामले में कई लोगों को आरोपी बनाया था, जिनमें बाद में काराकाट क्षेत्र से जुड़े प्रभावशाली नेता और वर्तमान सांसद राजाराम सिंह का नाम भी सामने आया था।
मामले की सुनवाई लंबे समय तक चलती रही। अभियोजन पक्ष ने आरोपियों पर साजिश और हत्या में संलिप्तता का आरोप लगाया, जबकि बचाव पक्ष ने लगातार इसे राजनीतिक षड्यंत्र बताते हुए आरोपों को निराधार बताया।
करीब 13 वर्षों की सुनवाई, गवाहों की पेशी और साक्ष्यों के परीक्षण के बाद व्यवहार न्यायालय ने आज फैसला सुनाते हुए कहा कि आरोप सिद्ध करने के लिए पर्याप्त प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं। इसी आधार पर अदालत ने सांसद राजाराम सिंह सहित सभी आरोपियों को बरी कर दिया। फैसले के बाद समर्थकों में खुशी का माहौल है।
