पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) एम्स पटना ने अपने सभी कर्मचारियों के लिए “चिकित्सा उपकरणों की खरीद में कार्टेलाइजेशन एवं प्रतिस्पर्धा कानून” विषय पर एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया। इस सत्र का उद्देश्य सार्वजनिक खरीद प्रक्रिया में निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा और पारदर्शिता के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाना था।
इस व्याख्यान के मुख्य वक्ता श्री जयदीप सिंह, उप निदेशक (विधि), भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) थे। उन्होंने सार्वजनिक खरीद में प्रतिस्पर्धा से जुड़ी महत्वपूर्ण बातों को सरल और व्यावहारिक भाषा में समझाया तथा प्रतिस्पर्धा कानून और उसकी पृष्ठभूमि की जानकारी दी।
सत्र के दौरान श्री जयदीप सिंह ने बताया कि भारत में लगभग 20–30% जीडीपी सार्वजनिक खरीद से जुड़ी है, इसलिए यह बहुत आवश्यक है कि खरीद प्रक्रिया निष्पक्ष और प्रतिस्पर्धात्मक हो। उन्होंने ‘बिड रिगिंग’ (निविदा में मिलीभगत) की अवधारणा समझाई और बताया कि कार्टेलाइजेशन किस प्रकार सरकारी संस्थानों और देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा सकता है। उन्होंने खरीद प्रक्रिया के दौरान ध्यान देने योग्य कुछ चेतावनी संकेत (रेड फ्लैग्स) भी बताए।
उन्होंने बिड रिगिंग के स्पष्ट उदाहरण देकर समझाया कि इस तरह की अनियमितताएं कैसे होती हैं। साथ ही, उन्होंने सीसीआई की वेबसाइट पर उपलब्ध टूलकिट की जानकारी दी, जो संस्थानों को प्रतिस्पर्धा विरोधी गतिविधियों की पहचान करने और उन्हें रोकने में मदद कर सकती है। सत्र संवादात्मक रहा और उन्होंने प्रतिभागियों के प्रश्नों एवं शंकाओं का धैर्यपूर्वक उत्तर दिया।
कार्यक्रम का उद्घाटन एम्स पटना के कार्यकारी निदेशक प्रो. (ब्रिग.) डॉ. राजू अग्रवाल ने श्री जयदीप सिंह के साथ पारंपरिक दीप प्रज्वलन कर किया। व्याख्यान का समापन उप निदेशक (प्रशासन) श्री नीलोत्पल बाल द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने वक्ता और सभी प्रतिभागियों का कार्यक्रम को सफल और ज्ञानवर्धक बनाने के लिए आभार व्यक्त किया। इस व्याख्यान को कर्मचारियों द्वारा काफी सराहा गया और इसने सार्वजनिक खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्षता और प्रतिस्पर्धा कानून के पालन के प्रति एम्स पटना की प्रतिबद्धता को और मजबूत किया।
