पटना, अजित। गोपालपुर थाना के मालखाना में शनिवार को भीषण आग लगने से 50 से अधिक जब्त वाहन जलकर पूरी तरह राख हो गए. यह मालखाना सड़क किनारे घनी आबादी के बीच एक खाली जमीन पर बनाया गया था, जहां न तो छत थी और न ही चारदीवारी. खुले आसमान के नीचे लापरवाही से रखे गए वाहनों में अचानक आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई. आग कैसे लगी इसका पता नहीं चल पाया लेकिन आशंका जताई जा रही है कि किसी ने सिगरेट या बीड़ी पीने के बाद वहां फेंक दिया जिससे वहां आग लग गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार शनिवार दोपहर अचानक मालखाना क्षेत्र से आग की तेज लपटें उठने लगीं. देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और वहां खड़े दोपहिया व चारपहिया वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया. वाहनों के टायर फटने से तेज धमाकों की आवाज सुनाई देने लगी, जिससे आसपास के लोग दहशत में आ गए. घनी आबादी होने के कारण लोग अपने-अपने घरों से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थान की ओर भागने लगे. घटना की सूचना मिलते ही गोपालपुर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और अपने स्तर से आग पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि प्रयास नाकाम रहे. इसके बाद अग्निशमन विभाग को सूचना दी गई. दमकल की दो बड़ी गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद किसी तरह आग पर काबू पाया जा सका।
बताया जा रहा है कि गोपालपुर थाना में जब्त वाहनों को रखने के लिए कोई समुचित व्यवस्था नहीं थी. थाना द्वारा विभिन्न कांडों में जब्त किए गए चारपहिया और दोपहिया वाहनों को प्रखंड मुख्यालय के ठीक सामने सिरपतपुर स्थित पटना गया रोड के किनारे एक खाली जमीन पर खड़ा किया गया था. यह स्थान पूरी तरह खुला था और चारों ओर घनी आबादी बसी हुई है, जहां किसी भी समय बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी रहती थी. शनिवार को वही आशंका सच साबित हो गई।
घटना की जानकारी मिलते ही डीएसपी टू सदर रंजन कुमार भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया. उन्होंने बताया कि आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है. प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है, हालांकि सभी पहलुओं पर जांच की जाएगी. उन्होंने कहा कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस घटना में जब्त वाहनों के जलने से सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा है. वहीं, घनी आबादी के बीच इस तरह खुले मालखाना बनाए जाने पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था. फिलहाल पुलिस और प्रशासन मामले की जांच में जुटे हुए हैं।
यहां यह भी उल्लेखनीय है कि गौरीचक थाना में भी जब्त वाहनों को रखने के लिए कोई स्थायी मालखाना उपलब्ध नहीं है. वहां विभिन्न कांडों में जब्त किए गए दोपहिया और चारपहिया वाहनों को सड़क किनारे और पटना–गया मुख्य मार्ग के डिवाइडर के बीचो-बीच खड़ा कर दिया जाता है. इसके कारण आवागमन में भारी परेशानी होती है और अक्सर सड़क पर जाम की स्थिति बन जाती है. स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह खुले स्थान पर वाहनों को खड़ा करना किसी भी समय बड़े हादसे या आग जैसी गंभीर घटना को न्योता दे सकता है. इसके बावजूद अब तक कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई है, जिससे प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
