पटना, अजित। बिहार की फिजा इन दिनों सर्द, सख्त और बेरहम बनी हुई है. आने वाले कुछ दिनों तक मौसम में किसी बड़े बदलाव के संकेत नहीं हैं. ठंड का यह दौर अभी और लोगों की सहनशक्ति की परीक्षा लेने वाला है.राज्य में कनकनी इतनी तेज है कि आम लोगों की दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित हो गई है. सुबह घना कोहरा, दिन में कमजोर धूप और शाम ढलते ही बर्फीली पछुआ हवा लोगों को घरों में कैद कर रही है.मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले 5 से 7 दिनों तक बिहार में ठंड और कोहरे का असर बना रहेगा.
न्यूनतम तापमान में अगले पांच दिनों के दौरान 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की और गिरावट की संभावना जताई गई है. इसका सीधा असर शीतलहर की तीव्रता पर पड़ेगा. अधिकतम तापमान में कोई खास बढ़ोतरी के आसार नहीं हैं, जिससे दिन में भी ठंड का अहसास बना रहेगा.उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ, हिमालय से उतरती बर्फीली पछुआ हवाएं और रात के समय आसमान का साफ रहना ठंड को और तीखा बना रहा है. दिन में धूप निकलने के बावजूद ठंडी हवाओं के कारण लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है. कई जिलों में पारा लगातार 10 डिग्री से नीचे बना हुआ है, जिससे गलन और कनकनी बढ़ गई है।
बिहार में शीत ऋतु अपने सबसे सख्त दौर में पहुंच चुकी है. ठंड, कनकनी और घने कोहरे ने आम जनजीवन की रफ्तार थाम दी है. सुबह घर से निकलना लोगों के लिए चुनौती बन गया है तो शाम ढलते ही सड़कों पर सन्नाटा पसर जा रहा है. बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर वर्ग ठिठुरन और गलन से बेहाल है.
बिहार में सर्दी का सितम अब आम जनजीवन ही नहीं, बल्कि वन्यजीवों पर भी भारी पड़ने लगा है. बेतिया के नौतन प्रखंड के सनसरैया गांव में भीषण ठंड के कारण एक बुजुर्ग और बीमार गिद्ध जमीन पर गिर पड़ा, जो उड़ने की हालत में नहीं था. ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग की टीम ने गिद्ध को सुरक्षित अपने कब्जे में ले लिया. वन विभाग के अनुसार, गिद्ध उम्रदराज और बीमार है, ठंड की वजह से वह बेहद सुस्त हो गया था।
यह घटना बिहार में जारी कड़ाके की ठंड, घने कोहरे और शीतलहर की गंभीर स्थिति को बयां करती है. मौसम विभाग के अनुसार राज्य के अधिकांश जिलों में
कोहरे की स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है. वाल्मीकि नगर, पश्चिम चंपारण में दृश्यता महज 40 मीटर तक सिमट गई. उत्तर बिहार के अधिकांश जिलों और दक्षिण बिहार के कई हिस्सों में सुबह से घना से बहुत घना कोहरा छाया रहा. मौसम विभाग ने पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, गया सहित कई जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है.मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि घने कोहरे और शीतलहर को देखते हुए सतर्क रहें. सुबह और रात के समय यात्रा से बचें, वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतें. दृश्यता कम होने के कारण सड़क और हवाई यातायात प्रभावित हो सकता है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग, मौसम विज्ञान केंद्र अनिसाबाद पटना द्वारा 06 जनवरी 2026 को जारी मौसम विज्ञप्ति के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य का मौसम शुष्क बना रहा, लेकिन न्यूनतम तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की गई है. राज्य का सबसे कम न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री सेल्सियस सबौर (भागलपुर) में रिकॉर्ड किया गया. वहीं अधिकतम तापमान 14.1 से 19.4 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। पटना में अधिकतम तापमान 16.7 डिग्री और न्यूनतम 8.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि गयाजी में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री तक पहुंच गया. मधेपुरा में अधिकतम तापमान महज 14.1 डिग्री रहा, जो सर्दी की तीव्रता को साफ दर्शाता है। कोहरे की स्थिति और भी चिंताजनक बनी हुई है. पश्चिम चंपारण के वाल्मीकि नगर में दृश्यता घटकर सिर्फ 40 मीटर तक पहुंच गई, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हुआ. उत्तर बिहार के अधिकांश जिलों में सुबह के समय घना से बहुत घना कोहरा छाया रहा।
मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए बताया है कि अगले 7 दिनों तक बिहार का मौसम शुष्क तो रहेगा, लेकिन ठंड और कोहरे से राहत मिलने की कोई संभावना नहीं है. अगले 5 दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की और गिरावट हो सकती है. इससे शीतलहर और कोल्ड-डे जैसी स्थिति कई जिलों में बनी रहेगी। पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, किशनगंज, सुपौल, अररिया, पूर्णिया, कटिहार, मधेपुरा, अरवल, औरंगाबाद और गया जिलों के कुछ हिस्सों में शीत दिवस की चेतावनी जारी की गई है. वहीं उत्तर और दक्षिण-पश्चिम बिहार के कई जिलों में अगले कुछ दिनों तक घना कोहरा छाए रहने की संभावना है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ, हिमालय से उतरती बर्फीली पछुआ हवाएं और रात के समय आसमान का साफ रहना ठंड को और तीखा बना रहा है. जेट स्ट्रीम के प्रभाव से दिन में धूप निकलने के बावजूद ठंडी हवाएं शरीर को चीरती महसूस हो रही हैं।
ठंड का असर अब दिनचर्या पर साफ दिखने लगा है. स्कूल जाने वाले बच्चे अलाव और गर्म कपड़ों में लिपटे नजर आ रहे हैं. सुबह-शाम टहलने वाले लोग घरों में कैद हो गए हैं. बाजारों में रौनक घट गई है और अस्पतालों में सर्दी, खांसी और बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि घने कोहरे को देखते हुए अनावश्यक यात्रा से बचें. वाहन चलाते समय धीमी गति और फॉग लाइट का प्रयोग करें. बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है. कुल मिलाकर बिहार में ठंड का सितम अभी थमने वाला नहीं है. अगले एक हफ्ते तक सर्दी, कनकनी और कोहरा लोगों की दिनचर्या को यूं ही प्रभावित करता रहेगा।
