बिहार

भगवान का ज्ञान हम सभी को यह संदेश देता है कि जीवन अनमोल है : प्रभा दीदी

अररिया, रंजीत ठाकुर। फुलकाहा सार्वजनिक दुर्गा मंदिर परिसर में सात दिवसीय भागवत कथा कार्यक्रम में गुरुवार को भागवत कथा के चौथे दिन में बी.के. प्रभा दीदी ने कहा कि श्रीकृष्ण जी ने अपनी लीलाओं से जहां कंस के भेजे विभिन्न राक्षसों का संहार किया, वहीं ब्रज के लोगों को आनंद प्रदान किया। कथा के दौरान गिरिराज पर्वत को उठाते हुए सुंदर झांकी सजाई गई। इस दौरान भजनों पर श्रद्धालु देर तक नाचते रहे। प्रसंग में बताया गया कि इंद्र को अपनी सत्ता और शक्ति पर घमंड हो गया था। उसका गर्व दूर करने के लिए भगवान ने ब्रज मंडल में इंद्र की पूजा बंद कर गोवर्धन की पूजा शुरू करा दी। इससे गुस्साए इंद्र ने ब्रज मंडल पर भारी बरसात कराई। प्रलय से लोगों को बचाने के लिए भगवान ने कनिष्ठा उंगली पर गोवर्धन पर्वत को उठा लिया। सात दिनों के बाद इंद्र को अपनी भूल का एहसास हुआ।

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इस मौके पर गोवर्धन लीला की झांकी भी सजाई गई। कथा के दौरान गोवर्धन पूजन का उत्सव उल्लास के साथ मनाया गया। जब भी हम भगवान की कथा सुनते हैं, तो हर बार एक नई ऊर्जा मिलती है। यह कथा कभी पुरानी नहीं होती। भगवान का ज्ञान हम सभी को यह संदेश देता है कि जीवन अनमोल है। इसे सार्थक बनाएं। कलयुग का ही प्रभाव है कि मनुष्य लोभ, मोह, लिप्सा, काम से वशीभूत होकर पाप कर्म में लिप्त हो जाता है। कहा, मानव को अपनी हर घड़ी को आखिरी घड़ी मानकर भगवत भजन और सत्कर्मों में लगाना चाहिए। मृत्यु अटल है। परंतु, लोग अपने जीवन को संवारने में लगे रहते हैं। मृत्यु को कैसे सार्थक बनाया जाए, संवारा जाए इसकी चिंता कोई भी नहीं करता। उन्होंने कहा कि भगवान की महिमा से ही पत्थर बुद्धि भी पारस बन जाता है। मानव को याद रखना चाहिए कि इंसान साथ छोड़ देता है, लेकिन जिसने भगवान को अपना साथी बना लिया, भगवान उसका साथ कभी नहीं छोड़ते। इस धार्मिक कार्यक्रम में दर्जनों की संख्या महिला व पुरुष श्रद्धालु कथा सुनने के लिए मौजूद थे।

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