फुलवारीशरीफ, अजित। पटना के फुलवारी शरीफ में शुक्रवार को दोपहर बाद एक घंटे से अधिक समय तक हुई जोरदार झमाझम बारिश ने पूरे शहर को जलमग्न कर दिया. देखते ही देखते मुख्य सड़कों से लेकर गली-मोहल्लों तक झील का नजारा बन गया. औरंगाबाद रोड, नौबतपुर रोड, भूसौला जानीपुर- फुलवारी एम्स मार्ग, चुनौती कुआं रोड, ईसापुर, हिंदुनी रोड, सदर बाजार रोड, हारून नगर और मित्रमंडल साकेत विहार खोजा इमली पुलिस कॉलोनी पहाड़पुर इलाके की सड़कों पर पानी भर गया।
बारिश के पानी ने सैकड़ों दुकानों और निचले इलाकों में बने मकानों को अपनी चपेट में ले लिया. कई कॉलोनियों में घरों के अंदर तक पानी घुस गया. सड़कों पर जलजमाव इतना बढ़ा कि हजारों वाहन करीब दो घंटे से अधिक समय तक जाम में फंसे रहे. इस दौरान शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह चरमराई रही।
मुख्य मार्ग पर शहीद भगत सिंह चौक, टमटम पड़ाव, ब्लॉक मोड़ और खोजा इमली के पास ट्रैफिक पुलिस के जवान बारिश में भीगते हुए जाम से निजात दिलाने की कोशिश करते रहे. हालांकि, लोगों की मनमानी और ‘पहले निकलने’ की होड़ ने स्थिति को और विकराल बना दिया. नतीजतन कई घंटे तक पूरा शहर थमे-थमे रहा और देर रात तक जाम का असर दिखाई देता रहा।
दोपहर के समय पेठीया बाजार इलाके में भीषण जाम से लोग परेशान रहे. बाहर से एग्जाम देने आए छात्र-छात्राएं, स्कूल बसें और आम यात्रियों को घंटों जाम में फंसे रहना पड़ा. कई लोग वाहन छोड़कर पैदल ही निकलने को मजबूर हो गए. भारी बारिश के चलते लोग अपने-अपने वाहन सड़क पर जहां तक खड़ा करके भेजने से बचने के लिए किनारे की दुकानों में चले गए जिससे जाम को और विकराल बना दिया. बेतिया बाजार चुनौती कुमार फुलवारी शरीफ थाना गोलंबर रोज की तरह मनमाने तरीके से सड़क पर फल व सब्जी की दुकान ठेला पर लोग सजा के रखते हैं जिससे जाम बढ़ जाता है अतिक्रमण सबसे बड़ी समस्या है. हालत यह है कि बेतिया बाजार के पास टोकरी में फल और सब्जी की दुकान ठेला वाले नेशनल हाईवे 98 पर पहुंच अतिक्रमण कर दुकान सजा लेते हैं कभी भी यहां बड़ी दुर्घटना हो सकती है. इलाके से गुजरने वाले सारे पदाधिकारी पुलिस को प्रशासन के अधिकारी इस नजारा को रोज देखते हैं लेकिन कोई मना नहीं करता. बड़ी दुर्घटना होने पर जिम्मेदारी कौन लेगा.आखिर यह किसकी जवाब देही है।
झमाझम बारिश से महावीर कैंसर संस्थान और पटना एम्स आने-जाने वाले मरीजों और उनके परिजनों को भी भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा. एंबुलेंस और मरीजों की गाड़ियां घंटों जाम में फंसी रहीं. बारिश के कारण एम्स के पास वाल्मीकि नगर, नवादा, नया टोला मार्ग पर पूरी सड़क तालाब में तब्दील हो गई. वहीं संकेत बिहार, खोजा इमली पेट्रोल पंप और फरु नगर के पास नेशनल हाईवे-98 पर लगभग 200 से 300 फीट तक पानी जम गया. इससे मरीजों, डॉक्टरों और अस्पताल आने-जाने वाले अन्य लोगों को काफी दिक्कतें झेलनी पड़ीं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले नालियां खुली रहती थीं, जिससे पानी का निकास आसानी से हो जाता था. लेकिन अब नालों को पीसीसी ढलाई से ढक दिया गया है. ढके नालों में छोटे-छोटे होल होने के कारण बारिश का पानी तेजी से निकल नहीं पाता और सड़कों पर झील जैसी स्थिति बन जाती है. दुकानदारों का कहना है कि गंदा पानी और कचरा दुकानों के अंदर घुस जाने से भारी नुकसान उठाना पड़ता है।
बारिश थमने के कई घंटे बाद जब सड़कों से धीरे-धीरे पानी कम होना शुरू हुआ, तब जाकर लोगों ने राहत की सांस ली और आवागमन सामान्य हो सका. लेकिन तब तक हजारों वाहन चालक, मरीज और आम लोग घंटों तक बेहाल रहे. इसके लिए लोगों ने नगर परिषद और जिला प्रशासन की घोर लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया. उनका कहना है कि हारून नगर, जानीपुर, चुनौती कुआं और ईसापुर-हिंदुनी रोड जैसे व्यस्त इलाकों में जल निकासी की स्थायी व्यवस्था नहीं होने से हर बारिश में शहर डूब जाता है और लोग परेशान होते हैं।
