फुलवारीशरीफ, अजित। सरदार पटेल दशरथ मांझी स्मृति एवं अंतरराष्ट्रीय सामाजिक शोध अभियान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, वित्त मंत्री और आरबीआई गवर्नर को पत्र लिखकर सभी बैंकों के लिए एकरूप और सरल “बेसिक बैंकिंग फॉर्म प्रारूप” लागू करने की मांग की है।
संस्था के संयोजक नागेश्वर सिंह स्वराज ने अपने पत्र में कहा है कि आम नागरिकों, खासकर ग्रामीण, अशिक्षित, वृद्ध और दिव्यांग वर्ग को बैंकिंग प्रक्रिया में कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. इन चुनौतियों को देखते हुए जरूरी है कि खाता खोलने, केवाईसी, नामांकन, मोबाइल लिंकिंग जैसे सभी जरूरी फार्म पूरे देश में एक समान और सरल हों।
उन्होंने लिखा है कि यदि यह कदम उठाया जाता है तो बैंकिंग व्यवस्था सबके लिए अधिक सुलभ और पारदर्शी हो जाएगी. भाषा और शिक्षा संबंधी बाधाएँ कम होंगी. बैंककर्मियों पर अनावश्यक दबाव घटेगा और सेवा की गुणवत्ता में वृद्धि होगी. साथ ही डिजिटल साक्षरता को भी बढ़ावा मिलेगा और ऑनलाइन फार्म भरना आसान हो जाएगा।
यह संस्था लंबे समय से सामाजिक न्याय, प्रशासनिक सुधार और जनकल्याण के विषयों पर काम कर रही है. संगठन का कहना है कि उनकी पहल से वंचित वर्ग की आवाज शासन व्यवस्था तक पहुंचेगी और नीतिगत बदलाव में सहूलियत होगी। नागेश्वर सिंह स्वराज द्वारा भेजे गए इस पत्र की प्रतिलिपि वित्त मंत्री और भारतीय रिज़र्व बैंक के गवर्नर को भी भेजी गई है।
