बिहार

राज्य स्तरीय परिचर्चा में शामिल हुए विधायक गोपाल रविदास

पटना, अजित। जगजीवन राम संसदीय अध्ययन एवं राजनीतिक शोध संस्थान, पटना के सभागार में जस्टिस डेमोक्रेटिक फोरम द्वारा एक राज्य स्तरीय परिचर्चा का आयोजन किया गया.

यह परिचर्चा बिहार के पिछड़ा वर्ग, अति पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति से संबंधित ज्वलंत मुद्दों पर केंद्रित रही। कार्यक्रम की शुरुआत स्वागत गीत से हुई जिसे पुनीत पाठक और प्रमोद ने प्रस्तुत किया। मंच संचालन महेंद्र रोशन ने किया जबकि अध्यक्षता पंकज जी ने की। सभी अतिथियों का स्वागत पारंपरिक अंगवस्त्र से किया गया।

मुख्य वक्ता के रूप में भाकपा (माले) के केन्द्रीय कमिटी सदस्य एवं फुलवारीशरीफ विधायक गोपाल रविदास ने कहा कि आज दलितों और वंचितों पर अत्याचार की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। कहीं नाबालिग दलित लड़की से बलात्कार के बाद हत्या, तो कहीं मजदूरी मांगने पर हाथ काट देने जैसी घटनाएं डबल इंजन सरकार की जातिवादी सोच का नतीजा हैं।

उन्होंने कहा कि यह सरकार बाबा साहब अंबेडकर के समतामूलक समाज की अवधारणा को तोड़कर मनुस्मृति आधारित व्यवस्था थोपना चाहती है। केंद्रीय गृहमंत्री द्वारा संसद में बाबा साहब के बारे में दिया गया बयान अशोभनीय और अपमानजनक है।

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गोपाल रविदास ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में दलित, पिछड़े, अति पिछड़े और अल्पसंख्यक वर्ग को एकजुट होकर भाजपा की सरकार को हराना होगा.

उन्होंने महागठबंधन की प्रस्तावित ‘माँ-बहन योजना’ का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके तहत महिलाओं को ₹2500 मासिक सहायता और ₹500 में गैस सिलेंडर दिया जाएगा।

कार्यक्रम में विधायक दल के नेता शकील अहमद ख़ां, भाकपा माले विधायक राजेश राम, पूर्व राज्यसभा सांसद अली अनवर, राजद के वरिष्ठ नेता रामचंद्र पूर्वे, भाकपा माले के मीडिया प्रभारी कुमार परवेज, वाम दलों के प्रतिनिधि, अधिवक्ता रंजू जी सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता एवं राजनीतिक विश्लेषक उपस्थित थे।

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