बिहार

सूचना के अधिकार तहत कार्यकर्ता को नहीं मिला जवाब

अररिया, रंजीत ठाकुर भरगामा प्रखंड क्षेत्र के शेखपुरा गांव निवासी युवराज यादव के द्वारा बीते 29 जुलाई को बीपीआरओ,भरगामा से आरटीआई “सूचना का अधिकार अधिनियम 2005” के तहत सूचना मांगा गया था। जिसमें उन्होंने बताया कि वह सूचना बीपीआरओ,भरगामा के द्वारा अब तक उपलब्ध नहीं कराया गया है। युवराज यादव ने बताया कि 29 जुलाई 2024 को सूचना अधिकार अधिनियम के तहत सूचना मांगा गया था। नियम के तहत 30 दिनों के अंदर कार्यालय को सूचना देना था। लेकिन 30 दिनों से अधिक हो जाने पर भी किसी भी प्रकार का कोई जवाब भरगामा बीपीआरओ के द्वारा नहीं दिया गया है। आरटीआई कार्यकर्ता युवराज यादव ने बताया कि इससे यही लगता है कि सूचना का अधिकार अधिनियम कानून को भरगामा बीपीआरओ के द्वारा ठेंगा दिखाया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि मांगे गए सूचना में नियमानुसार पंचायत कार्यपालक सहायक का तबादला अधिकतम कितने दिनों पर होना चाहिए, भरमामा प्रखंड अन्तर्गत कितने पंचायत कार्यपालक सहायक हैं और कितने दिनों से एक हीं स्थान पर पोस्टेड हैं,आईडी संख्या व कार्यस्थल सहित पंचायतवार सूची उपलब्ध करवाया जाय,यदि नियमानुसार कोई या कई पंचायत कार्यपालक सहायक निधारित समय से अधिक दिनों से एक हीं स्थान पर बने हुए हैं तो उसका भी सूची उपलब्ध करवाया जाय साथ हीं यह भी बताने की कृपा किया जाय कि किसकी लापरवाही से या किस कारण से वह निर्धारित समय से अधिक दिनों से एक हीं स्थान पर जमे हुए हैं। युवराज ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि भरगामा प्रखंड क्षेत्र में इन दिनों पंचायत कार्यपालक सहायक का बोलबाला है,जिससे आमलोग त्रस्त हैं।

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इसके पीछे मूल कारण है कि पिछले पांच से छह वर्षों से एक हीं स्थान पर उक्त कर्मियों को जमे रहना। भरगामा प्रखंड क्षेत्र के हरिपुरकला, विषहरिया, नया भरगामा, धनेश्वरी,वीरनगर पश्चिम,रघुनाथपुर दक्षिण, वीरनगर पूरब,खजुरी,सिरसिया हनुमानगंज,खुटहा बैजनाथपुर, जयनगर, सिमरबनी, शंकरपुर, मनुल्लाहपट्टी, आदिरामपुर, भरगामा,पैकपार,रघुनाथपुर उत्तर, सिरसियाकला,कुसमौल पंचायतों के पंचायत कार्यपालक सहायक के कार्यशैली पर गंभीर प्रश्न चिन्ह लगाते हुए कहा कि वर्तमान समय में पंचायत कार्यपालक सहायक कार्य कम और दादागिरी ज्यादा करते हैं,अपने आपको सर्वोपरि समझते हैं,यहां पंचायत कार्यपालक सहायक के मनमानी के अनुसार हीं काम होता है,पंचायत कार्यपालक सहायक को भ्रम हो गया है कि संविधान कि सभी सक्तियां केवल और केवल उनमें हीं समाहित हो गया है

पंचायत कार्यपालक सहायक तथाकथित ठेकेदारों (दलालों) से साँठ-गांठ कर अपने मनमानी की दुकान चलाते हैं। बताया कि उक्त पंचायत कार्यपालक सहायक जनता की तो छोड़िये अपने वरीय अधिकारियों की भी नहीं सुनते हैं,उन्हें भी दिन के उजाले में हीं चुना लगा देते हैं। उन्होंने कहा कि हम 09 सितंबर 2024 को प्रथम अपीलीय पदाधिकारी सह डीएम,अररिया को अपील किए हैं। अगर वहां से भी कोई जवाब नहीं मिलता है तो सूचना आयुक्त से निवेदन करेंगे। अगर इस मामला में कहीं भी जाना पड़े तो जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि सिर्फ पंचायत कार्यपालक सहायक के तबादला का हीं मामला नहीं है बहुत सारे मुद्दे हैं जो बहुत जल्द सबके सामने लाएंगे।

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