पटना(न्यूज क्राइम 24): बिहार भाजपा कार्यालय में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस” के अवसर पर भारत-विभाजन की दुःखद स्मृतियों की लगी प्रदर्शनी का अवलोकन किया गया। इस मौके पर बिहार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री सम्राट चौधरी जी, बिहार विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष श्री विजय कुमार सिन्हा जी, केंद्रीय राज्य मंत्री श्री नित्यानंद राय जी, विधायक श्री नितिन नवीन जी एवं अन्य पदाधिकारी भी मौजूद थे। इसके पश्चात विद्यापति भवन,पटना में पटना साहिब सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री रविशंकर प्रसाद द्वारा भारत विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर परिचर्चा कार्यक्रम आयोजित की गई।
पटना साहिब सांसद एवम पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री रविशंकर प्रसाद जी द्वारा अपने संसदीय क्षेत्र के विद्यापति भवन में 14 अगस्त विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कई सदियों के इस्लामिक पृथकवाद की चर्चा की। साथ ही श्री प्रसाद ने बताया की कैसे कुछ लोग हमेशा अपने को अलग राष्ट्र मानते थे जिसकी परिणीति 1940 के मुस्लिम लीग के डिमांड और 1947 के बंटवारे में हुई। ये नरसंहार,विभिषिका, करोड़ों लोगों का पलायन, लाखों लोगों की हत्या उसका परिणाम था।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का अभिनन्दन उन्होंने सोचा वो विभिषिका नई पीढ़ी को याद रहें। मैंने ये भी स्पष्ट किया कि आज भारत प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की अगुवाई में कहां से कहां पहुंचा है, दुनिया में विकास का कीर्ति स्तंभ बना है और पाकिस्तान भिक्षा का कटोरा लेकर घूम रहा है। ये देश भी देख रहा है और दुनिया भी देख रही है। इससे और सार्थक परिणाम निकलेगा उस अप्राकृतिक विभाजन के खिलाफ। “विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस” पर विभाजन की विभीषिका का दंश झेलने वाले सभी पीड़ितों को सादर नमन करता हूँ।
कार्यक्रम में बिहार प्रदेश अध्यक्ष श्री सम्राट चौधरी ने कहा की भारत विभाजन के इतिहास को आज तक कभी याद तक नही किया गया । माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के शासन काल में भारत विभाजन विभीषिका को एक स्मृति के तौर याद किया गया और विभाजन के लाखो भारतीयों के बलिदान तथा उनके त्याग को एक स्मृति की तरह याद रखना जरूरी है हर भारतीय को। श्री सम्राट चौधरी ने कहा की डॉ. श्यामा मुखर्जी ने अखंड भारत का सपना देखा था और वे कभी भी भारत विभाजन स्वीकार नहीं किया था। डॉ. श्यामा मुखर्जी स्वतंत्रता संग्राम के एक निर्भीक सिपाही थे, अंग्रेजी राज्य के जिस तपते हुए जमाने में वंदेमातरम का नारा लगाना भी अपराध माना जाता था, उस समय भी डॉ. श्यामा मुखर्जी ने बंगाल विधानसभा में अंग्रेजो के हौसले ढीले कर दिए थे।
राज्यसभा सांसद एवम पूर्व उपमुख्यमंत्री श्री सुशील कुमार मोदी ने कहा की पिछले 75 वर्षो से हम उन लाखों पुरुषो और महिलाओं को याद किए बिना आजादी बना रहे है, भारत विभाजन पर 1.5 करोड़ लोग मारे गए थे तथा लाखो की संख्या में लोग घायल और बेघर हुए थे। यह विभाजन की पीड़ा को बुलाया नही जा सकता है। भारत विभाजन के दौरान जितने लोग विस्थापित हो गए थे और कई लोगो ने बेवजह नफरत के कारण अपनी जान गंवा दी थी,उन्हे विभाजन के दौरान यातना पूर्ण व्यवहार और हिंसा का सामना करना पड़ा था जो अत्यंत दुख का क्षण था जिसे कभी भुलाया नही जा सकता।
कार्यक्रम में उपस्थित बिहार विधान सभा में नेता प्रतिपक्ष श्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा की आज भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र बनने की दिशा में आगे बढ़ गया है, देश के विभाजन के दर्द को कभी भुलाया नही जा सकता है, विभाजन का दर्द और उस दौरान हुई हिंसा देश की स्मृतियों में गहराई से अंकित है। श्री सिन्हा ने कहा की जब जब देश पर जाति हावी हुआ है हमारा देश गुलाम हुआ है और जब धर्म की सोच आई तब देश आजाद हो गया।
