फुलवारीशरीफ(अजीत यादव): बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सोमवार को फुलवारी शरीफ में इस्लामिया टीचर्स ट्रेंनिंग बी एड कॉलेज परिसर में आयोजित एक दावत इफ्तार में शामिल होने पहुंचे, जहां मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मंच के बैक सपोर्ट पर लगाए गए लाल किले के पोस्टर से राज्य में सियासी हलचल तेज हो गई है। इस दावते इफ्तार में जेडीयू एमएलसी खालिद अनवर भी शरीक हुए।
बिहार के नवादा में गृह मंत्री अमित शाह की रैली के बाद पटना के फुलवारी शरीफ में आयोजित इस दावते इफ्तार में लालकिले के पोस्टर के बहाने जेडीयू अपनी तरफ से बीजेपी के नेताओं को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अगले प्रधानमंत्री के रूप में अपनी दावेदारी को पेश कर रहा है . लाल किले के पोस्टर के साथ एमएलसी खालिद अनवर का पटना में भी स्लोगन सियासी बवाल मचा रहा है.लालकिले के पोस्टर लगाए इस दावत ए इफ्तार से मचा सियासी बवाल कहां तक पहुंचता है यह देखना काफी दिलचस्प होगा. हालांकि इतना तो साफ है कि जेडीयू के अकीयत सेल से जुड़े लोग मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लाल किला के पोस्टर के साथ दिखला कर देश के भावी प्रधानमंत्री के रूप में पेश करना चाह रहे हैं।
इस सियासी संदेश देने वाले दावत ए इफ्तार में बड़ी संख्या में अकीलियत समुदाय से जुड़े राजनेताओं की फौज भी मौजूद रही. इतना ही नही इसमें मुंबई से विशिष्ट अतिथि के रूप सुप्रसिद्ध भारतीय विद्वान डा० एम० ए० पाटनकर साहेब भी पहुंचे।
अल्पसंख्यक नेताओ में खालिद अनवर एम एल सी , अबदुल सलाम चेयरमैन मदरसा बोर्ड, अख्तरूल इस्लाम शाहिन एम एल ए, इरशादउलाह साहेब, चेयरमैन सुन्नी वक्फ बोर्ड, अफल अब्बास , चेयरमैन शिया वक्फ बोर्ड, अब्दुल हक साहेब, चेयरमैन हज कमिटी, मौलाना अनीसुर्र रहमान कासमी साहेब, सचिव ऑल इंडिया मिल्ली कौंसिल, मेजर इकबाल हैदार खान , जनाब अब्दुल बाकी, दानिश खान, स्टेट वाईस प्रेसीडेंट माइनोरिटी सेल, इन्तेखाबुर रहमान और इफतेखार अहमद निजामी सहित नरेंद्र पटेल व अन्य गणमान्य व्यक्ति एवं रोजेदार उपस्थित थे।
