इमामगंज(अरुणनंजय): थाना क्षेत्र में झोलाछाप डॉक्टर के चक्कर में चपरी गांव की एक गर्भवती महिला की जान चल गई। घटना के बाद से डॉक्टर ने अपने हॉस्पिटल में ताला बंद कर फरार हो गया है। बताया जा रहा है कि झोलाछाप डॉक्टर अजीत कुमार सिंह रानीगंज हॉट बाजार में अवैध तरीके से अपना क्लिनिक चलाता है। वहीं गुरुवार की रात्री चपरी गांव निवासी बेबी देवी के परिजनों ने उन्हें गुरुवार की सुबह झोला छाप डॉक्टर अजीत कुमार सिंह के यहां प्रसव हेतु भर्ती कराया था।
जहां डॉक्टर अजीत कुमार सिंह ने गर्भवती महिला बेबी देवी को दो इंजेक्शन लगाया। इसके बाद उसको ऑपरेशन की गई थी। जिसके बाद बच्चा को इमरजेंसी शीशा में रखी गई। जहां उसकी इलाज चल रही हैं। लेकिन बेबी देवी को प्रसव के बाद ज्यादा ब्लीडिंग होने से उसकी स्थिति खराब होने पर परिजनों ने डॉक्टर को रेफर करने के लिए कहा, मगर डाक्टर ने रेफर नहीं किया।
जब महिला की मौत हो गई तो डॉक्टर अजीत कुमार सिंह ने महिला के बेहोश होने की बात कहकर रेफर कर दिया। वहीं हालत बिगड़ने के बाद परिजनों ने आनन-फानन में प्राइवेट एंबुलेंस से गया जिला अस्पताल ले जा रहे थे। जहां हॉस्पिटल पहुंचने से पूर्व ही महिला की मौत हो गई। वहीं मृतक महिला की पहचान चपरी गांव निवासी 28 वर्षीय बेबी देवी पति सोनू भारती के रूप में की गई है। वहीं इस घटना के संबंध में मृतक के परिजनों ने बताया कि महिला गर्भवती थी।
गुरुवार को सुबह दर्द होने पर उसे अजीत कुमार सिंह नामक डॉक्टर के यहां उनके निजी क्लिनिक में भर्ती कराया गया। हालांकि बच्चा तो स्वस्थ निकला निकला लेकिन बच्चे की भी हालत गंभीर है उसे इमरजेंसी के लिए शीशा भर्ती की गई। जहां उसकी इलाज की जा रही है। इसी बीच महिला को प्रसव के दौरान ज्यादा ब्लीडिंग होने से महिला की हालत बिगड़ते देख वहां के डॉक्टर ने उसे गया के लिए रेफर कर दिया।
जहां गया ले जाने के दौरान बीच रास्ते में चेरकी बाजार के पास महिला की मौत हो गई। वह घटना की सूचना मिलते ही डॉक्टर अजीत कुमार सिंह अपने क्लिक में ताला बंद कर मौके से सभी स्टाफ के साथ फरार हो गए हैं। इधर परिजनों ने डॉक्टर अजीत कुमार सिंह पर लापरवाही व जानबूझ कर जान लेने का आरोप लगाते हुए गुरुवार की देर रात्रि तक क्लिनिक के बाहर मृतक के शव रखकर हंगामा करते रहे।
वहीं घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को समझा-बुझाकर किसी तरह मृतक के शव को अपने कब्जे में लेकर इमामगंज थाना लाई। इसके बाद आज सुबह महिला की शव को पोस्टमार्टम के लिए गया मगर मेडिकल फेंक दिया है। वहीं इस संबंध में इमामगंज डीएसपी मनोज राम ने बताया कि झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही के कारण एक महिला की प्रसव के दौरान मौत हो गई है।
घटना की सूचना पाकर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए गया अनुग्रह नारायण भेज दिया है। हालांकि परिजनों की ओर से अभी तक कोई लिखित शिकायत नहीं दर्ज की गई है। फिलहाल पुलिस अपने स्तर से आगे करवाई में जुटी हुई है।
इमामगंज-रानीगंज में दो दर्जनों से अधिक नर्सिंग होम अवैध रूप से है संचालित
मालूम हो कि रानीगंज और इमामगंज में दो दर्जनभर से अधिक नर्सिंग होम अवैध रूप से संचालित है। यह डॉक्टर बिना डिग्री धारी गरीब तबके के मरीजों को कम पैसे की लालच देकर उनको आसानी से ऑपरेशन कर देते हैं। ऐसे में बराबर देखने को मिलती है यहां झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही से कई मरीजों को उनकी जान गवानी पड़ी है।
डॉक्टर द्वारा यह मामला सामने आती रहती है कि डॉक्टर मोटी रकम लेकर महिलाओं प्रसव के दौरान भ्रूण हत्या करवाते हैं। यह सभी अपने-अपने किलनिक को सुचारू रूप से चलाने के लिए दलाल रखते हैं। दलाल ही खुद मरीजों को सेटिंग कर लाता है। जब मरीज को हालत बिगड़ती है तो उसे रेफर कर दी जाती है। ऐसे में कई दफा मरीजों की जान गंवानी पड़ी है।
आज भी एक मरीज को डॉक्टर के वजह से उनकी जान देनी पड़ी है। लेकी स्थानीय प्रशासन और पुलिस इनके मोह माया में नतमस्तक रहते हैं। यही कारण है कि इन सभी झोलाछाप डॉक्टरों की मनमानी चलता ही रहता है। नहीं करवाए होने के कारण इनका रोजगार हर दिन बढ़ता ही जा रहा है। और कई गरीब दलित मरीजों की इनकी लापरवाही से उनको अपना जान गवाना पड़ता है।
इमामगंज नगर पंचायत में 2 दर्जन से अधिक अल्ट्रासाउंड, पोथे लैब फर्जी
जानकारी देते चले की रानीगंज में दो हॉस्पिटल के सील होने के बाद भी फर्जी डॉक्टर ऑपरेशन करने में बाज नहीं आ रहा है वही जांच घर एवं अल्ट्रासाउंड फर्जी स्थिति में काम कर रहा है ऐसी स्थिति में जांच रिपोर्ट भी लोगों की गलत आ रही है जिसे इलाज करने में भी काफी परेशानियां हो रही है।
