बिहार

अररिया के पत्रकार ने मुख्यमंत्री से मिलकर अररिया पुलिस की खोली पोल, कहा…

अररिया(रंजीत ठाकुर): अररिया जिला के भरगामा थाना क्षेत्र के शंकरपुर वार्ड 07 निवासी (23) वर्षीय युवा पत्रकार अंकित सिंह ने 04 जुलाई सोमवार को मुख्यमंत्री के जनता दरबार कार्यक्रम पटना में उपस्थित होकर भरगामा थाना में 16 मई 2021 को दर्ज कांड संख्या 67/21 मामले को लेकर अररिया पुलिस की जमकर बेइज्जती किया,कहा सर अन्य जिला की तुलना में अगर अररिया जिला का तुलना करें तो सबसे ज्यादा रिश्वतखोरी अररिया जिला का पुलिस करता है,कहा सर आप खुद हीं समझिये उस अपराधियों का मनोबल इतना बढ़ा है कि बेवजह एक पत्रकार के घर में घुस कर पत्रकार सहित उनके परिवार के साथ मारपीट एवं जानलेवा हमला व लूट-पाट कर यह सब शिकायत पुलिस से करने पर जान से मारने का धमकी दिया। इसके बावजूद भी मेरे द्वारा थाना में लिखित शिकायत करने पर थानेदार ने अपने आप को ऑन ड्यूटी पर दिखाने के लिए सिर्फ और सिर्फ मामला दर्ज कर लिया और अपनी ऑन ड्यूटी का जिम्मेदारी वहीं पर खत्म कर दिया।

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मालूम हो कि इस केस के अनुसंधानकर्ता व थानेदार एवं इंस्पेक्टर ने आपस में मिलीभगत कर कोई छोटी-मोटी रकम में अपराधियों को जमानत नहीं दे दिया है,बल्कि मोटे नोटों कि गद्दी लेकर बड़ी आसानी से महज मामला दर्ज होने के 15 से 20 दिनों बाद ही बिना कोई गिरफ्तारी के थाना से जमानत दे दिया गया। फिर बात हीं क्या थी मुख्यमंत्री साहब ने तो इतना कुछ सुनने के बाद आग बबूला हो गये और तुरंत अपर मुख्य सचिव कि जमकर लगा दी क्लास,बोले पत्रकार के घर में घुस कर जानलेवा हमला कर दिया गया और दोषी नामजद हमलावरों को बिना गिरफ्तार किये हुए पुलिस द्वारा जमानत दे दिया गया आखिरकार क्या मामला है,यह बातें सुनकर सचिव साहब भी दंग रह गए,बोले मैं तुरंत जांच करवाता हूं सर,जांच फिर सचिव साहब ने अंकित सिंह से पूरी जानकारी लिया और बगल में बैठे अपर पुलिस महानिदेशक को कहा तुंरत पूर्णिया प्रक्षेत्र के पुलिस कमिश्नर से बात कर खुद से मामले का जांच कर दोषी हमलावरों पर कठोर कार्रवाई करने का निर्देश दीजिये। फिर अपर पुलिस महानिदेशक ने आईजी को फोन लगाकर खुद से मामला का जांच कर दोषी के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। इधर मुख्यमंत्री के जनता दरबार कार्यक्रम पटना में मुख्यमंत्री से मिल कर सारी शिकायतें सुनाने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा मिले आश्वासन से अंकित एवं उनके परिवार सहित उनके पत्रकार साथियों को न्याय मिलने की आस जगी है। अब देखना दिलचस्प होगा कि आखिरकार कब तक अररिया पुलिस मुख्यमंत्री द्वारा मिले जांच के आदेश पर दोषी हमलावरों के खिलाफ जांच कर क्या कोई कार्रवाई करती है भी या नहीं।

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