अररिया(रंजीत ठाकुर): कोरोना संक्रमण के मामले एक बार फिर तेजी से बढ़ने के संकेत हैं। राजधानी पटना में बढ़ते संक्रमण के मामलों को देखते हुए पूरे राज्य को अलर्ट किया गया है। इसके बाद से जिला स्वास्थ्य विभाग संक्रमण के संभावित खतरों के निपटने की तैयारी में जुट चुका है। कोरोना जांच की संख्या में बढ़ोतरी को लेकर आवश्यक कदम उठाये गये हैं। वहीं टीकाकरण की प्रक्रिया में तेजी लाने की कवायद की जा रही है। फिलहाल जिले में संक्रमण का एक मामला है। लेकिन राजधानी पटना सहित अन्य राज्यों में बढ़ते संक्रमण को देखते हुए सभी एहतियाती उपायों पर अमल किया जा रहा है।
कोरोना जांच की संख्या बढ़ाने पर जोर :
जिले में कोरोना जांच की संख्या बढ़ाने का हर मुमकिन प्रयास किया जा रहा है। सिविल सर्जन डॉ विधानचंद्र सिंह ने बताया कि सही समय पर संक्रमण का पता चलने पर इसे नियंत्रित करना आसान है। इसलिये जांच की संख्या बढ़ाने पर विभाग का जोर है। ज्यादा से ज्यादा आरटीपीसीआर जांच सुनिश्चित कराने का निर्देश संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों को दिया गया है। हवाई यात्रा, रेलवे व सार्वजनिक परिवहन सेवाओं से जिले में दाखिल होने वाले लोगों के कोरोना संबंधी जांच पर जोर दिया जा रहा है। ऐसे सभी चिह्नित ठिकानों पर जांच दल की प्रतिनियुक्ति की गयी है।
जांच व टीकाकरण हमारी प्राथमिकता :
डीपीएम स्वास्थ्य ने बताया कि कोरोना जांच व टीकाकरण की संख्या में इजाफा हमारी प्राथमिकताओं में शुमार है। इसे लेकर हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि मंगलवार को जिले में 3202 रेपिड एंटीजेन व 1860 आरटीपीसीआर जांच किये गये। इसमें संक्रमण को कोई नया मामला सामने नहीं आया है। उन्होंने बताया कि जिले में प्रति दिन 5500 एंटीजेन व 3210 आरटीपीसीआर जांच का लक्ष्य निर्धारित है। अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्य प्राप्ति के लिये निर्देशित किया गया है। उन्होंने कहा कि फिलहाल प्रथम डोज के मामले में जिले की उपलब्धि 79.8 प्रतिशत, दूसरे डोज के मामले में हमारी उपलब्धि 82.7 प्रतिशत व प्रीकॉशन डोज के मामले में हमारी उपलब्धि 17 प्रतिशत के करीब है। शत प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति को लेकर जरूरी प्रयास किया जा रहा है।
