अररिया(रंजीत ठाकुर): नवाबगंज पंचायत स्थित नल जल योजना शोभा का बस्तु बन कर रह गया है।बताते चले कि पंचायत में कुल 14 वार्ड है और सभी वार्डो में करोड़ों की लागत से मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना से बने नल-जल योजना का पानी लोग नहीं पीते हैं।सिर्फ लोगों के घरों में लगे “नल” शोभा का बस्तु बनकर रह गया है।
गृहिणियों बताती है कि नल का पानी बदबू देता है, पानी पीने लायक नहीं है सिर्फ और सिर्फ पानी से बर्तन धोने तथा मवेशी को पिलाने काम आता हैं। इसी कड़ी में ग्रामीणों की शिकायत पर संवाददाता के द्वारा समाचार संकलन के दौरान आज शुक्रवार को वार्ड संख्या-09 में करोड़ों की लागत से बने नल जल टंकी का जायजा लेने जब वहां पहुंचा तो देखा गया कि लगा हुआ टंकी फटा हुआ है पानी यत्र तत्र नीचे गिर रहा है। इस संबंध में जब स्थानीय ग्रामीण लीलानंद यादव,प्रमोद साह, दुर्गानंद पासवान से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि यह टंकी करीब 6 माह पूर्व से फटा हुआ है, ऑपरेटर के द्वारा केवल मोटर चालू कर बिना फिल्टर किए हुए डायरेक्ट नल में पानी दे दिया जाता है। पानी बदबू देता है, जो पीने लायक नहीं है। इस बाबत उपस्थित ऑपरेटर शिवनारायण यादव से पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि लगभग दो माह पूर्व से पानी का टंकी फटा हुआ है। इस संबंध में संवेदक अमित कुमार को जानकारी दे दिया गया है। परंतु आज तक टंकी नहीं बदले जाने से सप्लाई में काफी परेशानी हो रही है। उन्होंने यह भी बताया कि कई जगह पाइप लीकेज भी है।
कुल मिलाकर देखा जाए तो बिहार सरकार के महत्वाकांक्षी योजना नल जल ग्रामीण क्षेत्रों में संवेदक के मनमानी एवं पदाधिकारी के लापरवाही के कारण पूरी तरह फेल है। पदाधिकारी को चाहिए कि इतने बड़े महत्वाकांक्षी योजना का जल को जांच करवाते हुए संबंधित संवेदक के ऊपर कार्यवाही करें। और लोगों के घरों तक शुद्ध जल पहुंचाने पर भी काम करें।
