बिहार

रामेश्वरदास पन्नालाल महिला कॉलेज में संवाददाता सम्मेलन का आयोजन

पटनासिटी(न्यूज़ क्राइम 24): रामेश्वरदास पन्नालाल महिला कॉलेज पटना सिटी मे ‘‘शैक्षिक उन्नयन में मीडिया की सहभागिता’’ पर विमर्श एवं ‘संवाददाता सम्मेलन’ का आयोजन हुआ। विमर्श में प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक चैनलों से जुड़े हुए संवाददताओं एवं ब्यूरो प्रमुखों क्रमशः प्रभात वर्मा, अंजनी मिश्र, रमेश कुमार, आनंद केसरी, संजीवन जमुआर, रॉबिन राज, आदर्श सिंह, मो. हाशमी ने अपने-अपने विचार रखे, अंतिम निष्कर्ष यही निकला की मीडिया शैक्षिक-संस्थागत उपेक्षाओं के बावजूद अपना काम कर रहा है। हम चाहते हैं कि शैक्षिक संस्थाओं में अध्ययन-अध्यापन सूचारू ढंग से हो, कॉलेज एवं विश्वविद्यालयों में गुटबाजी भी है, जिसमें संस्थान के प्रति प्रतिबद्ध एवं हितचिंतक हासिये पर हैं, उनके आगे आये बिना, हम बहुत आगे नहीं बढ़ सकते। कभी-कभी तो छात्र हित में हमें चुप भी रह जाना पड़ता है।

संवाददाता सम्मेलन में संवाददाताओं ने प्रभारी प्राचार्य प्रो. डॉ. शिवचन्द्र सिंह से महाविद्यालय की शैक्षिक एवं प्रशासनिक सहित विकास के तमाम विंदुओं पर प्रश्न किया। प्राचार्य ने संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि मेरी पहली प्राथमिकता दिवालियेपन की कगार पर खड़े कॉलेज को बदहाली से निकालकर उसके गौरव को पुनर्स्थापित करना नैक से प्रत्यायन एवं मूलंकन कराना तथा छात्राओं के हित में अथक प्रयास करना है। कॉलेज प्रशासन को पारदर्शी बनाना, छात्राओं की हर बुनियादी आवश्यकताओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करना। इस दिशा में सकारात्मक कार्य शुरू हो गया है। मैं 02 फरवरी, 2022 को प्रभारी नियुक्त हुआ और अगले दिन से ही एक्शन मोड में मैं कार्य कर रहा हूं। छात्राओं को आवेदन आदि जमा करने-प्रमाण पत्र आदि लेने के लिए काउण्टर पर कर्मियों के पास नहीं जाना पड़ रहा है, पूछताछ काउण्टर से ही सारा कार्य हो रहा है, पूरी पारदर्शिता के साथ,छात्राओं को प्राचार्य के पास पहुंचने की आवश्यकता नहीं है, मैं खुद चलकर उनके पास पहुंच रहा हूं और ऑन द स्पॉट उनकी समस्या का समाधान कर रहा हूं। फीस को लेकर छात्राओं एवं उनके परिजनों को शिकायत रही है, महिला कॉलेज होने के कारण सरकारी आदेश के अनुसार फीस नहीं लेना है किंतु सरकार द्वारा प्रतिपूर्ति की राशि उपलब्ध नहीं कराये जाने के कारण कॉलेज को चलाने के लिए शुल्क लेना ही पड़ रहा है, पहले जो शुल्क लिया जा रहा था, उसको मैंने पार्ट 1 में पुराने शुल्क के सापेक्ष आधा तो पार्ट-2, 3 एवं एमए में आधा से भी कम कर दिया हूँ। नई शिक्षा नीति 2020 के अनुसार पढ़ाई भी कमाई भी एवं बिहार के माननीय मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी 7 निश्चय की प्रीमियर योजना-‘युवा शक्ति-बिहार की प्रगति’/ ‘आर्थिक हल : युवाओं को बल’ को धरातल पर उतारने का कार्य शुरू कर दिया हूं। कॉलेज में कंप्यूटर का डाटा इंट्री एवं डेस्क टॉप पब्लिशिंग का कोर्स पूर्णतः निःशुल्क तथा सबके लिए अनिवार्य कर दिया हूं। इसके अलावे ब्यूटिशियन , फूड प्रोसेसिंग, योगा, टूरिस्ट गाइड, फर्स्ट एड-हेल्थ केयर, सिलाई-कटाई-बूटिक जैसे 18 व्यावसायिक कोर्सों का प्रशिक्षण न्यूनतम शुल्क पर बिहार दिवस के अवसर पर लॉंच होगा, श्रम नियोजन कार्यालय में प्रशिक्षुओं के लिए प्रमाण पत्र की व्यवस्था करने के लिए आवेदन दिया हूं, माननीय श्रम संसाधन विभाग मंत्री एवं अपर सचिव के माध्यम से प्रयास कर रहा हूं कि इसी कॉलेज में सरकारी आईटीआई का प्रशिक्षण केंद्र खुल जाये, जिससे छात्राओं को दूर नहीं जाना पड़े।

कॉलेज में शिक्षकों की नितांत कमी है, 29 सृजित पदों में से मात्र 9 शिक्षक हैं, अनेक विभाग पूरी तरह शिक्षक विहीन हैं, शिक्षकों की कमी को विश्वविद्यालय से स्थानान्तरण, प्रतिनियुक्ति से दूर करने के लिए लिखागया है। विश्वविद्यालय को इस आशय का निवेदन किया हूं कि अगर उक्त तरीके से संभव नहीं हो पा रहा है तो विश्वविद्यालय से अनुमति लेकर स्थानीय योग्य प्रतिभाओं को सम्मानजनक मानदेय देकर कॉलेज अपने आंतरिक स्रोत से सेवा ले सके, इस आशय का निवेदन किया गया है। शिक्षकेत्तर कर्मियों के 19 पद सृजित हैं, जिसमें मात्र 09 कार्यरत हैं। आउटसोर्सिंग से कुछ कर्मी बहाल किये गये थे, संतोषजनक सेवा नहीं दे पा रहे थे, स्वयं ही हट गये, उनकी जगह पर नये कर्मियों की उचित दर पर मांग की गई है, बहाली में उन स्थानीय बेराजगार युवतियों एवं उनके परिजन को प्राथमिकता दी जायेगी जिनका इस कॉलेज से संबध है या रहा है।

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समस्याएं अनेक हैं और भयंकर भी हैं किंतु मैं समस्याओं से जूझना और जूझकर उन पर विजय पाना जानता हूं क्योंकि मैं एक स्पोर्टस मैन हूं, स्पोर्टस मैन हारता तो है, मगर हार नहीं मानता। मेरी इसी जीवटता के कारण माननीय कुलपति जी ने मुझे पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय का स्पोर्टस इंचार्ज भी बना दिया है, स्पोर्टस को तो हद तक पटरी पर ला दिया हूं, अब कॉलेज को पटरी पर लाना है और आप मीडियाकर्मियों को विश्वास दिलाता हूं कि वह अवसर बहुत ही जल्द आयेगा, अगर आपका सहयोग एवं समर्थन मिले।

प्रभारी प्राचार्य ने यहां तक कहा कि आप सिर्फ यहां कि सकारात्मक गतिविधियों को ही अपने पत्र-चैनल में स्थान मत दीजिये, सकारात्मक- आलोचना को भी उजागर कीजिये, वह हमारे लिए मथ प्रदर्शन करायेगा। अंत में प्राचार्य ने सभी मीडियाकर्मी बंधुओं अंगवस्त्रम, पुष्पमाल, डायरी, पत्रिका प्रदान कर सबको सम्मानित किया एवं सबके प्रति आभार जताया।

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