पटनासिटी(न्यूज़ क्राइम 24): पटना नगर निगम, वार्ड 53 के अंतर्गत, गाय घाट उत्तरी गली, स्लम बस्ती में रह रहे लोगों के पुनर्वास करने की मांग को लेकर आम आदमी पार्टी बिहार के प्रदेश प्रवक्ता बबलू प्रकाश ने पटना सिटी के अनुमंडल पदाधिकारी, मुकेश रंजन से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा।
बबलू ने बताया कि गाय घाट उत्तरी गली, स्लम बस्ती में विगत 60- 70 सालों से अड़सठ घरों के परिवार अपना जीविका उपार्जन करते आ रहे हैं। बिहार सरकार, भूमिहीन लोगों को राजकीय प्रेस की जमीन से हटा कर बिहार सरकार आईटीआई का निर्माण करने जा रही है। उसके बाद झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले लोगो में खलबली मच गई है। सालों से रह रहे लोगों को बिहार सरकार एवं पटना नगर निगम प्रशासन की ओर से बिजली, पानी, सामुदायिक शौचालय, स्ट्रीट लाइट, सड़क जैसी आधारभूत सुविधा भी प्रदान की गई है। इसके अतिरिक्त इनलोगों के पास राशनकार्ड, आधार कार्ड और 30 सालों से मतदाता सूची में नाम अंकित हैं।
बबलू ने अनुमंडल पदाधिकारी से मुलाकात कर कहा कि झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले लोग विकास के राह में रोड़ा बनना नही चाहते हैं। संविधान और कानून पर भरोसा रखने वाले लोग हैं। प्रधानमंत्री शहरी विकास योजना के तहत तैतीस परिवार का नाम सूची में शामिल हैं। ऐसे में इनको विस्थापित करना गरीबों के साथ मजाक होगा।
सरकार से मांग है कि- स्लम बस्ती में रह रहे भूमिहीन लोगो को विस्थापित करने से पूर्व बिहार मलीन बस्ती पुनर्वास नीति 2017 के तहत सरकार के समेकित आवास एवं मलिन बस्ती विकास कार्यक्रम (आईएचएसडीपी) या केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के अन्तर्ग पुनर्वास कराने की व्यवस्था की जाए।
बिहार कल्याणकारी राज्य है। भारत का संविधान एवं मानवाधिकारों पर वैश्विक घोषणा पत्र (यूडीएचआर) का अनुच्छेद 25.1 व्यक्त करता है कि -“प्रत्येक व्यक्ति को एक स्तरीय जीवन जीने का अधिकार प्राप्त है जिसमे भोजन, कपड़ा, घर, चिकित्सा देखभाल व जरूरी सामाजिक सेवाऐं शामिल है। बेसहारा, और भूमिहीन लोगो के हितों की रक्षा करना भी सरकार व प्रशासन की जिम्मेवारी है।
मौके पर स्लम बचाओ मोर्चा के बिहार प्रदेश अध्यक्ष मुन्ना कुमार राउत, आप नेता सुयश कुमार ज्योति, रामजी दास, महेश पासवान, अमित पांडेय, अखिलेश बिंद सहित सैकड़ों महिला पुरुष अनुमंडल कार्यालय परिसर में मौजूद रहे।
