पटना(न्यूज़ क्राइम 24): सरकार द्वारा शिक्षण संस्थानों को छोड़कर शेष सभी संस्थागत गतिविघियों को सुचारू रूप से संचालित रखने के इस दोहरी नीति के विरोध में समस्त शिक्षण संस्थान संचालकों द्वारा पटना के गांधी मैदान में मानव श्रृंखला बनाकर सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन में पटना समेत पूरे बिहार प्रदेश के शिक्षक प्रतिनिधियों ने मानव श्रृंखला बनाकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. साथ ही प्रदेश में शिक्षा के प्रति सरकार के निराशाजनक रवैये पर अपना आक्रोश प्रकट किया। शिक्षाविदों का साफ तौर पर कहना है की जब कोरौना महामारी में सबकुछ गाइडलाइन के हिसाब से संचालित है तो शिक्षण संस्थानों से बैर क्यों? जबकि बच्चें विद्यालय में ज्यादा सुरक्षित है। वे सीमित क्रियाकलापों में व्यस्त रहते है, जो की कोरोना के प्रति जागरूकता में ज्यादा सहायक है। शिक्षण संस्थानों के बंद होने से लोगों में भय का माहौल बनता जा रहा है। विद्यालयों को खोले रखना सरकार के हित में है। आपसा संगठन के संगठनकर्ता मुकेश कुमार ने बताया की पिछले कई दिनों से लगातार विभिन्न संगठनों के द्वारा विद्यालय खोलने हेतु ज्ञापन राज्यपाल, मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री एवं संबंधित सभी शिक्षा प्रदाधिकारियों को सौपा जा चुका है। उम्मीद है की सरकार विद्यालय एवं कोचिग संस्थानों के हक में फैसला करेगी.
अतः हम सरकार से मांग करते है की दिनांक 12/04/2021 से संस्थानों को अविलंब खोलने का आदेश पारित करें अन्यथा संपूर्ण लाॅकडाउन लगाये। मांग न मानने की स्थिति में आंदोलन उग्र होगा। इसके लिए सरकार पूर्णतः जिम्मेवार होगी. कार्यक्रम में अपसा संगठन सचिव राकेश कुमार रंजन, अघ्यक्ष श्री मनोरथ महाराज, इंडियन इंडिपेंडेंट स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष संतोष कुमार शर्मा, भारतीय स्वतंत्र शिक्षण संध के राष्ट्रीय अघ्यक्ष भारत मानस, प्रदेश अघ्यक्ष भुषण शर्मा, फेडेरेशन आॅफ स्कूल एसोसिएशन के संयोजक प्रेम रंजन, प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के सुमन कुमार, कोंचिग एसोसिएशन के पवन कुमार समेत सैकडों की संख्या में विद्यालय संचालक मौजूद रहे।
