अररिया(रंजीत ठाकुर): अररिया- बतातें चले कि आज दिनांक 01 जून, 2022 दिन वुधवार को 56वीं वाहिनी एस.एस.बी. बथनाहा में वाहिनी के स्थापना दिवस के अवसर पर किया गया भव्य कार्यक्रम का आयोजन। आज के ही दिन वर्ष 2012 में बटालियन की स्थापना हुई थी। इस अवसर पर सर्वप्रथम प्रभारी कमांडेन्ट श्री कस्तूरी लाल, द्वितीय कमान अधिकारी के नेतृत्व में सशस्त्र सीमा बल के ध्वज को सम्मान दिया गया तथा समस्त बल कार्मिकों को संबोधित करते हुए प्रभारी कमांडेन्ट ने एसएसबी के इतिहास और सशस्त्र सीमा बल के गठन पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि एसएसबी की स्थापना 20 दिसंबर 1963 को कैबिनेट के तहत स्पेशल सर्विस ब्यूरो के रूप में की गई थी। बल का प्राथमिक कार्य सीमावर्ती आबादी के बीच राष्ट्रवाद की भावना पैदा करना और प्रेरणा, प्रशिक्षण, विकास, कल्याण कार्यक्रम और गतिविधियों की एक सतत प्रक्रिया के माध्यम से “सेवा, सुरक्षा और बंधुत्व” के आदर्श वाक्य के माध्यम से उनकी क्षमताओं को विकसित करने में उनकी सहायता करना था। कैबिनेट से, एसएसबी को 2001 में एमएचए, भारत सरकार के प्रशासनिक नियंत्रण में स्थानांतरित किया गया था और नेपाल – भूटान सीमा पर काम करने के कर्तव्यों को सौंपा गया था इसी दौरान स्पेशल सर्विस ब्यूरो से नाम बदलकर सशस्त्र सीमा बल किया गया था। एसएसबी के कुछ बटालियन सीआई (ओपीएस), एएनओ और एलडब्ल्यूई क्षेत्र में भी तैनात हैं। 56वीं वहिनी के गौरवशाली इतिहास के बारे में बताते हुए कहा हम सभी भारत-नेपाल व भारत -भूटान सीमा की सुरक्षा के अतिरिक्त देश की आंतरिक सुरक्षा ड्यूटी के प्रति दृढ़ संकल्पित हैं । इसलिए हमसभी को अपने-अपने कर्तव्यों का निर्वहन सम्पूर्ण समर्पण व सत्यनिष्ठा के साथ निरंतर करते रहने की आवश्यकता है। साथ ही प्रभारी कमांडेन्ट द्वारा इस अवसर पर वाहिनी के समस्त बलकर्मिकों को उनके परिवार सहित हार्दिक शुभकामनाएं दी गई।
इस अवसर पर वाहिनी मुख्यालय बथनाहा में इंटर कंपनी वॉलीबॉल और टग ऑफ वार प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें जवानों के साथ-साथ अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया l तत्पश्चात वाहिनी में समस्त कार्मिकों व अधिकारियों ने एक साथ दोपहर का भोजन किया। इस अवसर पर डॉ○ ई. चाओबा सिंह, उप-कमंडेन्ट दीपक शाही, रोमेश याईखोम, सहायक कमांडेन्ट मनिंद्र नाथ सरकार, उप-निरीक्षक अशोक कुमार सहित समस्त महिला व पुरुष बलकार्मिक उपस्थित थे।
