फुलवारीशरीफ(अजित यादव): अब तक एम्स पटना में 200 मरीजों का कोकलियर इम्पलांट किया जा चुका है , जो कि राज्य में किसी अस्पताल में सबसे ज्यादा है । कॉकिलयर इंप्लाट वह माध्यम जिससे मूक बधीर बच्चे व बड़ों का इलाज किया जाता है। पटना एम्स से जारी एक बयान में बताया गया है कि 5 मई तक पटना एम्स में 200 मरीजों का फॉर कोकलियर इंप्लांट्स किया जा चुका है। जो मरीज सुन व बोल नहीं सकते उनके लिए एम्स पटना किसी वरदान से कम नहीं है । एम्स के उन्नत तकनीक व कुशल चिकित्सकों की टीम इस मामले में मूक बधिर मरीजो का इलाज कर समाज में अहम योगदान दे रहे हैं।

इस संबंध में ईएनटी के विभागाध्यक्षा क्रांति भावना ने बताया कि हमलोग जिला स्तर पर रोगियों के लिए विशेष केंद्रों को प्रशिक्षण प्रदान करने लिए एडीआईपी जो कि भारत सरकार द्वारा चलाई जा रही कार्यक्रम को सहयोग करते हैं । इसके माध्यम से लोगों को जागरुक करते हैं , जिसका फायदा गरीब मरीजों को मिलता है । एम्स पटना के ईएनटी विभाग प्रत्येक सोमवार को एक समर्पित कॉकिलयर इंप्लाट स्पेशलिटी क्लिनिक चलाता है , जिससे के माध्यम मरीजों के बहरेपन का स्थिति का पता कर उनके इलाज को सुनिश्चित किया जाता है । अब तक 11 माह के बच्चे से 47 वर्ष तक के मरीजों में कॉकिलयर इंप्लांट किया गया , जिसकी संख्या 200 हो चुकी है । यह एम्स पटना के लिए गौरव का विषय है।
