अररिया, रंजीत ठाकुर जिले में एचआईवी एड्स के खतरों के प्रति समुदाय को जागरूक करने में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है. इसे लेकर युवाओं को एचआईवी एड्स से संबंधित सही जानकारी उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है. ताकि उनके स्तर पर समुदाय स्तर पर इसका समुचित प्रसार संभव हो सके. इसे लेकर अररिया महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं के बीच संबंधित विषय पर आधारित प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. प्रतियोगिता में वस्तुनिष्ठ सवालों के माध्यम से रोग के प्रति युवाओं की समझ व इससे संबंधित सही जानकारी पहुंचाने का प्रयास किया गया.
जागरूकता के अभाव में संक्रमण का शिकार हो रहे हैं युवा
जिला एड्स बचाव व नियंत्रण इकाई द्वारा आयोजित प्रतियोगिता में कॉलेज के दर्जनों छात्र शामिल हुए. जानकारी देते हुए डीपीएम एड्स अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि प्रतियोगिता में एचआईवी एड्स व टीबी से संबंधित 20 वस्तुनिष्ठ सवाल पूछे गये. इसके उपरांत डीपीएम एड्स अखिलेश कुमार ने छात्रों के साथ एचआईवी एड्स से संबंधित विस्तृत चर्चा की. उन्होंने बताया कि एचआईवी एड्स एक लाइलाज बीमारी है. जागरूकता से ही इसके प्रसार को नियंत्रित किया जा सकता है. डॉ मुकेश कुमार सिन्हा ने कहा कि जानकारी की कमी व जागरूकता के अभाव की वजह से आज युवा वर्ग तेजी से इस बीमारी का शिकार हो रहे हैं. युवाओं के साथ साथ समुदाय को इसके संक्रमण से बचाने के लिये रोग के प्रति सही जानकारी व समझ का होना जरूरी है. युवा छात्र इसमें अपनी महत्वपूर्ण भागीदारी निभा सकते हैं.
समुदाय को संक्रमण से बचाने में युवा निभायें अपनी जिम्मेदारी
अररिया महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ अशोक कुमार पाठक ने कहा कि समुदाय को एचआईवी संक्रमण के खतरों से बचाने में हमारी युवा पीढ़ी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं. रोग के कारण व बचाव संबंधी उपायों के प्रति उनका जागरूक होना जरूरी है. ताकि वे इस संबंध में दूसरों को भी जागरूक कर सकें. उन्होंने कहा कि जिला स्वास्थ्य विभाग व कॉलेज प्रशासन के आपसी समन्वय से नियमित अंतराल पर महाविद्यालय में जागरूकता संबंधी विभिन्न गतिविधियां आयोजित कर इसके प्रति युवा छात्र-छात्राओ को प्रेरित व प्रोत्साहित करने की पहल की जा रही है. कार्यक्रम की सफलता में जिला एड्स बचाव समिति के मुरलीधर साह सहित अन्य ने सराहनीय भूमिका निभाई .
