अररिया, रंजीत ठाकुर किसी मरीज के साथ स्वास्थ्य कर्मियों का बेहतर व्यवहार जरूरी होता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक किसी बीमारी का इलाज के लिये अस्पताल आने वाले मरीजों के साथ कर्मियों के रूखे व्यवहार से मरीजों की शारीरिक परेशानी के साथ-साथ मानसिक परेशानी भी बढ़ जाती है। मरीजों के साथ समानुभाव पूर्व व्यवहार विकसित करते हुए उपचार को अधिक सहज व सरल बनाने के उद्देश्य से सदर अस्पताल सभागार में सहानुभूति समानुभाव विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिला स्वास्थ्य समिति व पिरामल फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यशाला में सदर अस्पताल प्रभारी अधीक्षक डॉ आकाश कुमार, अस्पताल प्रबंधक विकास आनंद सहित सदर अस्पताल के लेबर रूम, पीडिया वार्ड, इमरजेंसी, ओटी सहित अन्य विभाग के प्रभारी पदाधिकारी सहित अन्य कर्मियों ने भाग लिया।
मरीजों के साथ समानुभाव रखना जरूरी
एक दिवसीय कार्यशाला में पिरामल स्कूल ऑफ लीडरशीप की टीम द्वारा सहानुभूति समानुभाव पूर्ण तरीके से मरीजों के उपचार की उपयोगिता पर विस्तृत चर्चा की गयी। ताकि कर्मियों में इसे लेकर बेहतर समझ विकसित किया जा सके। टीम में शामिल स्टेट फैसिलिटेटर अमरेश कुमार, प्रोग्राम लीडर राजीव रंजन, अशफाक अहमद सहित अन्य ने मरीजों के साथ समानुभाव विकसित करने की तकनीक साझा करते हुए कहा कि इन तकनीकों के दैनिक जीवन में प्रयोग से व्यक्तिगत जीवन के साथ-साथ अपने कार्यव्यवहार में साकारात्मक बदलाव संभव है। टीम के सदस्यों ने सभी स्टाफ व नर्सों के साथ व्यैक्तिगत संवाद स्थापित करते हुए इस तकनीक को अपने कार्यस्थल पर अमल में लाने संबंधी तकनीकों की जानकारी दी। कार्यशाला में विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से कर्मियों को व्यवहार परिवर्तन व समानुभाव से मरीजों की देखभाल के तरीकों को लेकर जरूरी प्रशिक्षण दिया गया। कार्यशाला के उपरांत प्रतिभागियों से उनके लाइव एक्शन प्रोजेक्ट पर चर्चा की गयी।
कार्यशाला स्वास्थ्य कर्मियों के लिये उपयोगी
सदर अस्पताल के प्रभारी अधीक्षक डॉ आकाश आनंद ने बताया कि मरीजों के साथ समानुभाव पूर्ण व्यवहार अपनाते हुए उनकी देखभाल से मरीजों की सेहत में जल्द सुधार संभव है। उन्होंने कहा कि कार्यशाला में प्राप्त अनुभव व ज्ञान कर्मियों के अपने कार्यकुशलता को बढ़ाने में सहायक साबित होगा। उनके व्यक्तिगत जीवन पर भी इसका साकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। अस्पताल प्रबंधक विकास आनंद ने कार्यशाला को महत्वपूर्ण बताते हुए बेहतर उपचार संबंधी सेवाओं की मजबूती में इसे मददगार बताया। कार्यशाला में अनुराग सिंह, आकिब सिद्दकी, ट्विंकल सालेहा, स्वेता, संगम, तुलसी सहित अन्य मौजूद थे।
