‘सुमन-के’ से धोएं हाथ, कोविड सुरक्षा में फॉर्मूला देगा साथ

बलिया(संजय कुमार तिवारी): कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर को देखते हुए ‘सुमन-के’ फार्मूला कोरोना से बचाने में काफी सहायक सिद्ध हो रहा है। इसके साथ ही कोविड की गाइडलाइन का पालन करने की सलाह भी डाक्टर द्वारा दी जा रही है । अगर हाथों की स्वच्छता ठीक तरीके से न की जाए तो कोविड की जद में आने का खतरा बना रहता है. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ0 आर0बी0 यादव ने बताया कि एक नियम सभी को याद रखना चाहिए कि इस समय अगर किसी भी वस्तु को छुएं तो हाथों को तुरंत साफ कर लें। हाथों को साबुन पानी से धुलें और अगर साबुन पानी मौजूद नहीं है तो 70 फीसदी एल्कोहल युक्त सेनेटाइजर से साफ़ कर लें । उन्होंने बताया कि असुरक्षित स्पर्श से कोविड प्रसार का खतरा रहता है, इसलिए विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। अगर कोविड वायरस किसी व्यक्ति, वस्तु या सतह पर मौजूद है, तो उसे स्पर्श करने से वायरस छूने वाले के हाथों में भी आ जाता है। ऐसे में वायरस से बीमार होने से बचने के दो उपाय हैं। सबसे पहला, महत्वपूर्ण व अनिवार्य उपाय यह है कि हाथों को सेनेटाइज कर लें या फिर साबुन-पानी से 40 सेकेंड तक धुलें । दूसरा उपाय यह है कि किसी भी सूरत में हाथों से आंख, नाक और मुंह को न छुएं.

उन्होंने बताया कि हाथों की सिर्फ एक बार स्वच्छता से कार्य नहीं चलेगा । जितनी बार कोई वस्तु छुएंगे उतनी बार सफाई आवश्यक है । अगर बाजार से आई कोई अंजान वस्तु छू रहे हैं, अपना मास्क उतार रहे हैं, अपने कपड़े उतार रहे हैं, अपने ही शरीर का कोई भाग छू रहे हैं तो हाथों की स्वच्छता अवश्य करें। यह नियम मास्क के इस्तेमाल और दो गज दूरी के नियम के साथ आवश्यक तौर पर पालन किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि सभी लोगों को घर से बाहर निकलते समय पॉकेट हेंड सेनेटाइजर अवश्य लेकर चलना चाहिए। उन्होंने बताया की हाथों की स्वच्छता के और भी फायदे हैं जैसे गैस की बीमारी और 21 प्रतिशत साँसो से संबन्धित बीमारियों से बचा जा सकता है। वहीं साबुन और पानी से हाथ धुलना डायरिया से जुड़ी बीमारियों को 50 प्रतिशत तक कम कर सकता है.


सुमन-के फार्मूला से ऐसे धुलना है हाथ:-
एस- सीधा हाथ
यू- उल्टा हाथ
एम- मुट्ठी
ए- अंगूठा
एन- नाखून
के- कलाई