बिहार

दो बूंद पोलियो की दवा से कई जानलेवा बीमारियों से होता है बच्चों का बचाव : जिलाधिकारी

अररिया(रंजीत ठाकुर): जिले में पांच दिवसीय पल्स पोलियो अभियान रविवार से शुरू हुआ। अररिया प्रखंड अंतर्गत गैयारी पंचायत भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी इनायत खान ने नौनिहालों को दो बूंद पोलियो की दवा पिलाकर अभियान का विधिवत उद्घाटन किया। मौके को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि दो बूंद दवा बच्चों को पोलियो जैसे गंभीर रोग से पूर्ण सुरक्षा प्रदान करता है। पोलियो को बच्चों में विकलांगता का प्रमुख कारण बताते हुए तमाम अभिभावकों से अपने पांच साल से कम उम्र के सभी बच्चों को प्रमुखता के आधार पर पोलियो की दवा पिलाने का अनुरोध किया। डीएम ने कहा कि पोलियो को कोई इलाज नहीं है। टीका की मदद से ही इसे नियंत्रित किया जा सकता है। इसिलिये लोगों को इसके महत्व को समझते हुए प्राथमिकता के आधार पर बच्चों का टीकाकरण कराना चाहिये। उन्होंने कहा कि अभियान के सफल संचालन को लेकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा सभी जरूरी तैयारी की गयी है। हर दिन अभियान की समीक्षा की जानी है। ताकि अभियान के तहत निर्धारित लक्ष्य हर हाल में पूरा किया जा सके। इसे लेकर उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिये।

अभियान के क्रम में कोरोना टीका से वंचितों का होगा सर्वे
सिविल सर्जन डॉ विधानचंद्र सिंह ने पांच दिवसीय अभियान के क्रम में जिले के 7.31 लाख बच्चों का दवा पिलाने का लक्ष्य निर्धारित है। इसके लिये विभागीय स्तर से जरूरी तैयारी की गयी है। हर स्तर पर अभियान के मॉनेटरिंग किया जाना है। बच्चों को दवा पिलाने के लिये क्षेत्र आशा, आंगनबाड़ी सेविका घर-घर जायेंगी। इस क्रम में कोरोना टीका के निर्धारित डोज से वंचित लोगों का सर्वे संबंधी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी उन्हें सौंपी गयी है। ताकि वंचितों को कोरोना टीका का सभी डोज लगाया जा सके।

अभियान की सफलता के लिये बनाये गये कुल 1659 टीम
डीआईओ डॉ मोईज ने बताया कि निर्धारित लक्ष्य 7.31 लाख बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने के लिये लिये कुल 213 ट्रांजिट टीम बनायी गयी हैं। जो बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, प्रमुख चौक-चौराहों से होकर गुजरने वाले बच्चों का पोलियो की दवा पिलाने का काम करेंगी। घर-घर जाकर बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने के लिये कुल 1406 टीकाकरण दल का गठन किया गया है। अभियान की सफलता को लेकर कुल 518 पर्यवेक्षक बहाल किये गये हैं। वहीं ईंट भट्ठा, बाजार सहित अन्य जगहों पर बच्चों को दवा पिलाने के लिये कुल 40 मोबाइल टीम का गठन किया गया है।

Advertisements
Ad 1

अभी बरकरार है पोलियो के प्रसार की संभावना :

स्वास्थ्य विभाग के जिला कार्यक्रम प्रबंधक रेहान अशरफ ने बताया कि पूर्व में वर्ष 2009 में जिले में पोलियो का मामला सामने आया था। इसके बाद से जिले में पोलियो को कोई मामला नहीं मिला है। लेकिन दुनिया में कहीं भी पोलियो का एक भी मामला होने पर दूसरे मूल्कों में भी इसके प्रसार की संभावना बनी रहेगी। हाल ही में हमारे पड़ोसी देश पाकिस्तान व अफगानिस्तान में पोलियो का मामला सामने आया है। लिहाजा पोलियो के खिलाफ हमें अपने सुरक्षा तंत्र को ज्यादा मजबूत करने की जरूरत है। जो शत-प्रतिशत बच्चों का दो बूंद पोलियो की दवा पिलाकर ही हासिल किया जा सकता है। मौके पर स्थानीय मुखिया मसूद आलम, अररिया पीएचसी प्रभारी डॉ जावेद आलम, डब्ल्यूएचओ के एसएमओ डॉ शुभान अली, यूनिसेफ के एसएमसी आदित्य कुमार सिंह, बीएचएम सईदुरजमा, सीडीपीओ अररिया तनूजा साह सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण मौजूद थे।

Related posts

पटना में मासिक अपराध समीक्षा गोष्ठी, अपराध नियंत्रण को और सुदृढ़ करने के निर्देश

पत्नी संग पटना साहिब पहुंचे मंत्री दीपक प्रकाश, गुरु दरबार में लगाई हाजिरी

सेकंड चांस कार्यक्रम के तहत बालिकाओं के लिए मॉक टेस्ट का सफल आयोजन

error: