बिहार

संस्थापक की 106वीं जयंती पर राम लखन सिंह यादव कॉलेज में श्रद्धांजलि सभा

फुलवारीशरीफ, अजित। अनीसाबाद स्थित राम लखन सिंह यादव कॉलेज में सोमवार को कॉलेज के संस्थापक एवं प्रख्यात समाजसेवी राम लखन बाबू की 106वीं जयंती हर्षोल्लास और गरिमामय वातावरण में मनाई गई। इस अवसर पर महाविद्यालय परिसर में पुष्पांजलि सभा और विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें शिक्षकों और कर्मचारियों ने संस्थापक को श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम की शुरुआत कॉलेज के प्राचार्य प्रो. सुरेंद्र प्रसाद द्वारा राम लखन बाबू के तैल चित्र पर माल्यार्पण कर की गई. इस दौरान उपस्थित शिक्षकों और कर्मचारियों ने भी पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।

अपने संबोधन में प्राचार्य प्रो. सुरेंद्र प्रसाद ने राम लखन बाबू के जीवन और उनके योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे दूरदर्शी जननायक होने के साथ-साथ शिक्षा के सच्चे प्रहरी थे. उन्होंने समाज के वंचित और पिछड़े वर्गों तक शिक्षा की रोशनी पहुंचाने के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया. उनके आदर्श और विचार आज भी महाविद्यालय परिवार के लिए प्रेरणा का प्रमुख स्रोत बने हुए हैं। इस अवसर पर महाविद्यालय के कई वरिष्ठ प्राध्यापक, शिक्षक और कर्मचारी मौजूद रहे. कार्यक्रम में मुख्य रूप से वरिष्ठ प्राध्यापक प्रो. रामबीनेश्वर सिंह, प्रो. बी.डी. यादव, प्रो. वीरेन्द्र प्रसाद सिंह और प्रो. राय श्रीपाल सिंह उपस्थित थे।

Advertisements
Ad 1

वहीं अकादमिक सदस्यों में प्रो. शंकर साह, डॉ. राजकिशोर प्रसाद, प्रो. मनीष भारती, प्रो. रामजीवन यादव, प्रो. कुमारी सुंदरम, प्रो. प्रसिद्ध कुमार, प्रो. परिवेश साह, प्रो. रमेश कुमार, डॉ. पारस नाथ यादव, प्रो. अभय कुमार, प्रो. आनंद प्रकाश, प्रो. आरती राज, प्रो. कुमारी तेजस्विनी और डॉ. श्री भगवान सिंह शामिल रहे। इसके अलावा कर्मचारियों एवं गणमान्य व्यक्तियों में श्री रामजी राय और श्री रविंद्र कुमार भी उपस्थित रहे। समारोह के अंत में वक्ताओं ने राम लखन बाबू के बताए आदर्शों और मूल्यों पर चलने का संकल्प लिया तथा महाविद्यालय को शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए सामूहिक प्रयास करने की बात कही।

Related posts

विश्व श्रवण दिवस पर एम्स पटना ने दिया जागरूकता का संदेश

बजट बैठक में टैक्स वसूली पर जोर, बकाया खत्म करने का लक्ष्य

इस्लामिया टीचर्स ट्रेनिंग बी.एड. कॉलेज में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस उत्साह के साथ मनाया गया

error: