• ध्रुवीय अनुसंधान में नेशनल अवार्ड विजेता डॉ. अविनाश ने टीकाकरण की अपील की
• कोरोना को मात देने में टीकाकरण को बताया सशक्त हथियार
• अफ़वाहों एवं भ्रांतियों से दूर रहने की दी सलाह
नवादा: कोरोना महामारी को शिकस्त देने में कोविड टीकाकरण सबसे मजबूत हथियार है. कोरोना की संभावित तीसरी लहर के मद्देनजर सरकार एवं स्वास्थ्य विभाग टीकाकरण के लिए लोगों को जागरूक भी कर रही है. कोरोना की तीसरी लहर से लोगों को बचाने के लिए शोधकर्ताओं एवं विशेषज्ञों ने टीकाकरण को जरुरी माना है. यह कहना है ध्रुवीय अनुसंधान में नेशनल एवं अटल सम्मान से सम्मानित जिले के हिसुआ प्रखंड निवासी डॉ. अविनाश कुमार का. ये अभी गोवा के नेशनल सेंटर फॉर पोलर एंड ओसियन रिसर्च, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (भारत सरकार) में सीनियर पोलर साइंटिस्ट के रूप में कार्यरत हैं. मालूम हो कि 27 जुलाई को डॉ. अविनाश को देशस्तर पर ध्रुवीय अनुसंधान में उत्कृष्ट योगदान के लिए राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के यूनियन मिनिस्टर डॉ. जितेन्द्र सिंह द्वारा नेशनल अवार्ड भी दिया गया है. वहीं, विगत वर्ष इन्हें सातवाँ अटल अवार्ड भी दिया जा चुका है.
अफवाहों एवं भ्रांतियों से दूर रहने की दी सलाह:
डॉ. अविनाश ने कोरोना टीकाकरण पर फैली अफवाहों एवं भ्रांतियों से लोगों को दूर रहने की सलाह दी है. उन्होंने बताया कि कोविड का टीका मानक प्रयोगशालाओं में जाँच करने के बाद ही लायी गयी है. उन्होंने कहा कि देश के शोधकर्ताओं एवं विशेषज्ञों ने कड़ी मेहनत एवं निरंतर अनुसंधान के बाद ही टीके की स्वीकृति दी है. इस लिहाज से टीके की विश्वसनीयता पर किसी भी प्रकार का सवाल आधारहीन होगा.
मैंने भी लिया है टीका, आप भी लें टीका:
कोरोना महामारी से अपने क्षेत्र, राज्य एवं देश को सुरक्षित रखने के लिए यह जरुरी है कि शत-प्रतिशत योग्य व्यक्तियों को टीका लगे. डॉ. अविनाश ने आम लोगों से अपील करते हुए कहा कि उन्होंने भी कोविड का टीका लिया है. टीके के बाद उन्हें किसी भी तरह की कोई समस्या नहीं हुयी है. साथ ही उनके अमूमन सभी वैज्ञानिक सहकर्मी एवं मित्रों ने भी टीका लिया है. इसलिए जिले के सभी लोगों को आगे आकर अपना टीकाकरण जरुर कराना चाहिए.
टीकाकरण करवा कर आप भी दें सकते हैं योगदान:
डॉ. अविनाश का कहना है कि देश के आम लोग कोरोना की दूसरी लहर में उभरे चुनौतियों के साक्षी रहे हैं. दूसरी लहर में कई लोगों को अपनी जान भी गंवानी पड़ी थी. अभी भी कोरोना की तीसरी लहर की संभावना को पूरी तरह से दरकिनार नहीं किया जा सकता है. ऐसी परिस्थिति में आप भी टीकाकृत होकर देश को सुरक्षित रखने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं. उन्होंने अपने अनुसंधान के अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि प्रकृति निरंतर लोगों को सुरक्षित रखने का प्रयास करती रही है. इसलिए हमारी भी प्रकृति को बचाने के लिए अपनी जिम्मेदारियां को समझने का प्रयास करना चाहिए. इसके लिए सभी को अपने आस-पास साफ़-सफाई एवं वृक्षारोपण को बढ़ावा देने के साथ यथासंभव प्रदूषण भी कम करने का प्रयास करना चाहिए।
