बिहार

एचआईवी संक्रमितों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिये उनका क्षमता संवर्द्धन जरूरी

अररिया(रंजीत ठाकुर): एचआईवी संक्रमित व्यक्तियों के क्षमता संवर्द्धन को लेकर जिला एड्स बचाव व नियंत्रण इकाई द्वारा दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम गुरुवार को शुरू हुआ। रेडक्रॉस सोसाइटी सभागार में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन जिला यक्ष्मा सह जिला एड्स नियंत्रण पदाधिकारी डॉ वाईपी सिंह व बिहार राज्य एड्स नियंत्रण समिति पटना की सहायक निदेशक सरिता कुमारी द्वारा सामूहिक रूप से किया गया। कार्यक्रम के दौरान एचआईवी एड्स से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की गयी।

संक्रमितों समाज की मुख्य धारा से जोड़ने का है प्रयास :

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बिहार राज्य एड्स नियंत्रण समिति की सहायक निदेशक सरिता कुमारी ने कहा कि एचआईवी मरीजों को समाज की मुख्य धारा में जोड़ने के लिये उनका क्षमता संवर्द्धन जरूरी है। इसके लिये उन्हें एचआईवी से संबंधित समुचित जानकारी का होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि क्षमता संवर्द्धन का मूल उद्देश्य संक्रमितों के व्यवहार में परिवर्तन लाना है। उन्हें अपने समूह के प्रति जागरूक करते हुए समाज में एचआईवी से बचाव संबंधी उपायों में मजबूती लाना है। उन्होंने कहा कि देश के किसी आम नागरिक की तरह एचआईवी संक्रमितों को भी वे सभी जरूरी अधिकार प्राप्त हैं। जो उनके जीवन के सर्वांगीण विकास के लिये जरूरी है।

एचआईवी मरीजों को समाज में सम्मानपूर्वक जीने का है अधिकार :

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जिला यक्ष्मा सह जिला एड्स नियंत्रण पदाधिकारी डॉ वाईपी सिंह ने कहा कि क्षमता संवर्द्धन के जरिये एचआईवी संक्रमितों में आत्मसम्मान व आत्वविश्वास की भावना को विकसित किया जाना है। ताकि समाज में वे सम्मानपूर्वक अपने जीवन का निवर्हन कर सकें। इसके लिये संक्रमित व्यक्तियों के समूह से विशेष जिलास्तरीय नेटवर्क का गठन किया जाना है। ताकि समूह के सदस्यों में किसी एक के साथ कोई परेशानी होने पर जिला एड्स बचाव व नियंत्रण समिति के साथ नेटवर्क सदस्यों के सामूहिक प्रयास के जरिये इसके समाधान का प्रयास किया जा सके।

बहकावे में आकर दवा का सेवन छोड़ना गलत :

प्रशिक्षण के दौरान राज्य टेक्नीकल सपोर्ट यूनिट के अरूनेदम चटर्जी द्वारा पावर प्वांइट प्रजेंटेशन के जरिये संक्रमितों का क्षमता संवर्द्धन किया गया। कार्यक्रम में जिले के 25 एचआईवी संक्रमितों को आमंत्रित किया गया था। एचाआईवी एड्स से संबंधित विस्तृत जानकारी देते हुए डीपीएम एड्स अखिलेश कुमार सिंह ने कहा कि संक्रमितों को हर हाल में नियमित समय पर दवा का सेवन करना चाहिये। किसी के बहकावे में आकर दवा छोड़ने के गंभीर परिणाम हो सकते हैं। रोगियों को सरकार द्वारा नि:शुल्क दवा उपलब्ध करायी जा रही है। संक्रमितों के सहयोग के लिये कटिहार में सामुदायिक सेवा केंद्र का संचालन किया जा रहा है। वहां से भी जरूरी मदद ली जा सकती है। वहीं जिला में एड्स बचाव व नियंत्रण इकाई भी संक्रमितों के हरसंभव मदद के लिये तत्पर है। कार्यक्रम में जिला टीवी व एचआईवी समन्वयक दामोदर प्रसाद, जिला आईसीटीसी पर्यवेक्षक शाहिद फरमान, एफएलडब्ल्यू मो रिजवान, मुरलीधर साह सहित अन्य मौजूद थे।

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