पटना, सुधांशु पांडेय : खुसरूपुर प्रखंड स्थित प्राचीन गौरी शंकर मंदिर, बैकटपुर में महाशिवरात्रि के अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। मंदिर के कपाट खुलने से पहले ही आधी रात से हजारों भक्त जलपात्र और बेलपत्र लेकर लंबी कतारों में अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।
पूरा बैकटपुर क्षेत्र ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गूंज उठा है। मंदिर के मुख्य द्वार से लेकर सड़क तक भक्तों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं, जो महादेव के प्रति उनकी गहरी आस्था को प्रदर्शित करती हैं। यह मंदिर धार्मिक के साथ-साथ ऐतिहासिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। मंदिर के पंडा सुधांशु पांडेय ने बताया कि, इस मंदिर का संबंध मुगल सम्राट अकबर के प्रधान सेनापति राजा मानसिंह से है।
लोक कथाओं के अनुसार, राजा मानसिंह ने बंगाल विजय के दौरान यहां पूजा-अर्चना की थी। उनकी मनोकामना पूर्ण होने पर उन्होंने इस प्राचीन मंदिर का जीर्णोद्धार करवाया था।
यहां स्थापित शिवलिंग को ‘मनोकामना लिंग’ के नाम से जाना जाता है, जिसमें भगवान शिव के साथ माता पार्वती भी विराजमान हैं। श्रद्धालुओं का मानना है कि सच्चे मन से जलाभिषेक करने वाले भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन और स्थानीय स्वयंसेवकों ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। इससे भक्तों को सुगमता से जलाभिषेक करने में मदद मिल रही है। मंदिर परिसर को फूलों और लाइटों से सजाया गया है, जिससे पूरा वातावरण शिवमय हो गया है।
प्राचीनता और दिव्यता समेटे बैकटपुर का यह गौरी शंकर मंदिर आज भी बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। राजा मानसिंह की विरासत और महादेव के इस ‘मनोकामना लिंग’ के प्रति लोगों की श्रद्धा समय के साथ और गहरी होती जा रही है।
