पुल बनाने की जगह डाला गया मिट्टी, हल्की बारिश में ही बना कीचड़, कीचड़ में कई गाड़ियां फंसी

अररिया(रंजीत ठाकुर): मानसून के प्रवेश होते ही हो रही बारिश से जहां जनजीवन अस्त व्यस्त है। वहीं सीमावर्ती क्षेत्र के सड़कें नाली में तब्दील हो चुका है, जिसका मुख्य कारण सड़क किनारे नाली का निर्माण नहीं होना. बताते चलें कि नरपतगंज प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत फुलकाहा लक्ष्मीपुर सड़क 2017 में आई प्रलयंकारी बाढ़ ने सड़क को तहस-नहस कर दिया था, यहां तक की सड़क में होम पाइप से बनी पुल उनको भी अपने आगोश में ले लिया था, जिससे आवागमन पूरी तरह बंद हो चुका था। आवागमन चालू करने के लिए विभाग के द्वारा मिट्टी डालकर कर आवागमन तत्काल चालू कर दिया था। जो आज तक उसी स्थिति में है, जबकि इस इलाके में प्रत्येक वर्ष बाढ़ आती है, और प्रत्येक वर्ष उक्त जगह पर मिट्टी डालकर आवागमन को बहाल कर दिया जाता है। और विभाग के द्वारा मरम्मत के नाम पर लाखों रुपए की उगाई भी कर ली जाती है । लेकिन आज तक उस स्थान पर आरसीसी पुल का निर्माण नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण बात है.

इस बाबत कौशल कुमार,ललन दास, बीरेन्द्र दास, संतोष साह, मदन ठाकुर, मो०नईम, मो०फिरोज, मो०अशलम अंसारी,शमीम रजा,दिवाकर गुप्ता,रामवृक्ष पासवान,राजेश चौड़रिया आदि स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि आज से दो दिन पूर्व सड़क निर्माण विभाग के द्वारा टूटे स्थानों पर सड़क किनारे से जेसीबी से मिट्टी निकाल कर सड़क पर मरम्मत के नाम पर मिट्टी डालकर भरा गया है। सड़क के साथ-साथ उस स्थान को भी भरा गया जहां पूर्व बाढ़ के कारण होम पाइप वाली पूल टुट गया था।टूटे स्थान पर मिट्टी डाले जाने से हल्की बारिश में ही कीचड़ कीचड़ हो गया है जिससे छोटे वाहनों को आने जाने में काफी परेशानी हो रही है। गाड़ियां कीचड़ में फंस जाता है दूसरे गाड़ी का सहारा लेकर कीचड़ से निकाला जाता है, आखिर क्यों? रोड निर्माण विभाग इतना सुस्त क्यों है? क्या कारण है कि इस सड़क में आरसीसी पूल का निर्माण नहीं किया जाता है। इस सड़क को क्या कोई सांसद विधायक देखने वाला नहीं है? विकास के नाम पर केवल बयान बाजी किया जाता है।हम लोग आज मीडिया के माध्यम से जिला पदाधिकारी को कहना चाहते है कि इस मामले को अपने संज्ञा में लेकर पुल निर्माण करवा दें ताकि बरसात के दिनों में लोगों को आने जाने में सुविधा हो सके।तथा प्रत्येक बर्ष मरम्मत के नाम पर सरकारी राशि का लूट न हो सके.

क्या कहते हैं- जदयू जिला उपाध्यक्ष तकनीकी प्रकोष्ठ कुमार मनीष रजक

इस बाबत श्री कुमार बताते हैं कि सड़क निर्माण विभाग के पदाधिकारियों के लापरवाही के कारण सड़क में आरसीसी पुल का निर्माण नहीं किया जा रहा है, जबकि इस सड़क को टूटे हुए लगभग 5 वर्ष होने जा रहा है। अधिकारियों का अब तक नींद नहीं टूटा है? प्रत्येक वर्ष केवल मरम्मत के नाम पर खानापूर्ति किया जा रहा है। हम इन सारे बातों की लिखित जानकारी माननीय मुख्यमंत्री बिहार सरकार एवं जिला पदाधिकारी अररिया को दे रहे हैं।