पटना, (रॉबीन राज) दसवें गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के साहिबजादों और माता गुजरी जी की महान शहादत को समर्पित शहीदी दिवस की पूर्व संध्या पर पटना के चितकोहरा एवं कंगनघाट में विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों के माध्यम से साहिबजादों और माता गुजरी जी की अद्वितीय शहादत को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया गया। चितकोहरा में आयोजित कार्यक्रम का आयोजन तख्त श्री हरमंदिर साहिब, पटना साहिब प्रबंधक कमेटी के उपाध्यक्ष गुरुविंदर सिंह द्वारा किया गया। कार्यक्रम में बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सावरगी, विधायक संजीव चौरसिया तथा बिहार अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य लखविंदर सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने साहिबजादों और माता गुजरी जी की शहादत को नमन किया। कार्यक्रम का मंच संचालन वरिष्ठ पत्रकार सुदीप सिंह ने किया।
इस अवसर पर तख्त पटना साहिब के कथावाचक सतनाम सिंह के नेतृत्व में बच्चों की गतका टीम द्वारा आकर्षक गतका प्रदर्शन किया गया। चितकोहरा के बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, वहीं एक विशेष प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसमें सिख इतिहास से जुड़े प्रसंगों को दर्शाया गया। इसी क्रम में बिहार अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य एवं तख्त पटना साहिब कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष लखविंदर सिंह द्वारा कंगनघाट स्थित टीएफसी में शहीदी दिवस पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में स्थानीय विधायक रत्नेश कुशवाहा, तख्त कमेटी के महासचिव इंद्रजीत सिंह, मीडिया प्रभारी सुदीप सिंह, सुपरिटेंडेंट दलजीत सिंह, मैनेजर हरजीत सिंह, प्रीतपाल सिंह बनारस तथा बलबीर सिंह कालरा सहित कई गणमान्य लोग शामिल हुए। कार्यक्रम में तख्त पटना साहिब के स्त्री सत्संग जत्थे द्वारा साहिबजादों और माता गुजरी जी की स्मृति में शब्द कीर्तन का गायन किया गया।
बच्चों ने कविताएं एवं सिख इतिहास पर लेख प्रस्तुत किए। गया से विशेष रूप से पहुंचे एक सज्जन ने साहिबजादों के जीवन पर आधारित रचित कविता का पाठ किया। कथावाचक चरणजीत सिंह ने साहिबजादों और माता गुजरी जी की शहादत के इतिहास का भावपूर्ण वर्णन किया। इस मौके पर स. लखविंदर सिंह ने कहा कि यह अत्यंत सौभाग्य की बात है कि आज देश के प्रधानमंत्री से लेकर केंद्र एवं राज्य सरकारों द्वारा भी साहिबजादों और माता गुजरी जी की शहादत को स्मरण करते हुए कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य यही है कि वह गौरवशाली इतिहास, जो अब तक आम जन तक नहीं पहुंच सका, उसे हर घर तक पहुंचाया जा सके।
