पटना, अजित। बिहार में कड़ाके की ठंड का दौर लगातार जारी है और पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी का सीधा असर अब पूरे राज्य में देखने को मिल रहा है. बर्फीली पछुआ हवाओं ने कनकनी को और तेज कर दिया है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है. राजधानी पटना सहित राज्य के अधिकांश जिलों में सुबह और रात के समय ठंड का असर सबसे ज्यादा महसूस किया जा रहा है, जबकि दिन में भी लोगों को किसी तरह की राहत नहीं मिल पा रही है. सोमवार को पटना में धूप खिला लेकिन ठंडी बर्फीली हवाओं के थपेरो ने धूप के अ सर को बिल्कुल बेसर कर दिया और लोगों को कांपने पर मजबूर कर दिया. कनकनी इतनी तेजी से बड़ी की दोपहर में ही शाम जैसी ठंड लगने लगी. फिलहाल ठंड से राहत के उम्मीद नहीं है बचाव ही सबसे बड़ा ठंड से बचने का साधन है।
मौसम विज्ञानियों के अनुसार अगले पांच से सात दिनों तक ठंड और कोहरे की स्थिति बनी रहेगी. 9 जनवरी तक मौसम में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है. न्यूनतम तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव हो सकता है, लेकिन कुल मिलाकर ठिठुरन से राहत मिलने की उम्मीद बेहद कम है. सुबह के समय घना कोहरा छाए रहने और दिन में भी सर्द हवाओं के सक्रिय रहने का अनुमान है। राजधानी पटना सहित राज्य के अधिकतर हिस्सों में सर्द हवाओं और घने कोहरे का डबल असर देखने को मिल रहा है. कई जिलों में दिनभर धूप नहीं निकली. जहां कहीं हल्की धूप दिखाई भी दी, वहां वह घने कुहासे के आगे बेअसर साबित हुई. कोहरे की मोटी परत के कारण सूरज की गर्माहट जमीन तक नहीं पहुंच सकी, जिससे दिन के तापमान में भी अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं हो सकी और पूरे दिन ठंड का अहसास बना रहा। मौसम विभाग ने बिहार के 28 जिलों के लिए कोल्ड डे का अलर्ट जारी किया है. इसके साथ ही घने कोहरे को लेकर चेतावनी दी गई है. वहीं 10 जिलों में हल्के से मध्यम कोहरे के लिए यलो अलर्ट घोषित किया गया है. ठंडी पछुआ हवाएं 12 से 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हैं, जिससे ठंड का असर और अधिक तीखा महसूस हो रहा है।
पटना के अलावा मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, सहरसा और गया समेत कई जिलों में कोल्ड डे जैसी स्थिति बनी रही. पटना में अधिकतम तापमान 14.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 10.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. मुजफ्फरपुर सबसे ठंडा जिला रहा, जहां अधिकतम और न्यूनतम तापमान के बीच का अंतर महज 1.7 डिग्री सेल्सियस रहा, जो कोल्ड डे के स्पष्ट संकेत देता है। घने कोहरे के कारण दृश्यता में भारी कमी दर्ज की गई है. सबसे अधिक घना कोहरा वाल्मीकिनगर और गयाजी में देखा गया, जहां दृश्यता घटकर मात्र 50 से 100 मीटर तक पहुंच गई. इससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है. राजधानी पटना में भी सुबह और देर रात घना कोहरा छाने की संभावना जताई गई है, जिससे वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। मौसम विज्ञान केंद्र द्वारा जारी दैनिक मौसम विज्ञप्ति के अनुसार पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य का मौसम शुष्क बना रहा. इस अवधि में राज्य का अधिकतम तापमान 13.8 से 19.5 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया, जबकि सर्वाधिक अधिकतम तापमान 19.5 डिग्री सेल्सियस शेखपुरा में रिकॉर्ड किया गया. न्यूनतम तापमान 5.5 से 13.0 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा, जिसमें सबसे कम न्यूनतम तापमान 5.5 डिग्री सेल्सियस गयाजी में दर्ज किया गया।
पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के दक्षिण और उत्तर-पश्चिम भागों के कुछ स्थानों पर न्यूनतम तापमान में 2 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई, जबकि शेष हिस्सों में तापमान में कोई विशेष बदलाव नहीं देखा गया.
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार अगले 7 दिनों तक राज्य का मौसम शुष्क बना रहेगा. अगले 2 से 3 दिनों के दौरान बिहार के अनेक स्थानों पर मध्यम से घना कोहरा छाया रह सकता है। अगले 5 दिनों तक अधिकतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन नहीं होने की संभावना है, जबकि अगले 4 दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक और गिरावट हो सकती है. इसके बाद न्यूनतम तापमान में स्थिरता आने का अनुमान है.
डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को ठंड के इस दौर में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है. खासकर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को सुबह और रात के समय बाहर निकलने से बचने, गर्म कपड़े पहनने और ठंड से बचाव के सभी उपाय अपनाने की जरूरत बताई गई है। कुल मिलाकर, बिहार में बर्फीली हवाओं और घने कोहरे के इस दौर ने साफ संकेत दे दिया है कि आने वाले दिनों में भी सर्दी से राहत की उम्मीद बेहद कम है और लोगों को ठंड के इस कहर से जूझने के लिए पूरी तैयारी रखनी होगी।
