अररिया, रंजीत ठाकुर। बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के तत्वावधान में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण,अररिया द्वारा जिले के 4 प्रखंडों (सिकटी,पलासी,कुर्साकांटा एवं फारबिसगंज) में 12 दिवसीय सुरक्षित तैराकी कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में बुधवार को आपदा प्रबंधन विभाग के मंत्री विजय कुमार मंडल एवं जिला पदाधिकारी अनिल कुमार द्वारा संयुक्त रूप से सिकटी प्रखंड कार्यालय परिसर में सुरक्षित तैराकी कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया गया। उद्घाटन समारोह में मंत्री ने कहा कि सुरक्षित तैराकी न केवल एक कौशल है,बल्कि यह आपदा के समय जीवन रक्षा का एक महत्वपूर्ण साधन भी है। उन्होंने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयासों से विपरीत परिस्थितियों में जन-जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करने की संभावना बनी रहती है।
जिलाधिकारी ने उपस्थित प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि विगत वर्षों में ऐसा देखा गया है कि किसी जलश्रोत में या उसके आस-पास नहाने अथवा खेलने के क्रम में पानी में डूबने से प्रायः मृत्यु की घटनाऐं हो रही है,ऐसे में तैराकी का प्रशिक्षण बच्चों एवं युवाओं को जीवन सुरक्षा में आत्मनिर्भर बनायेगा। उन्होंने बच्चों सहित उपस्थित सभी को अनावश्यक नदी,तालाब सहित अन्य जलश्रोत में नहीं उतरने की सलाह दी। उन्होंने प्रशिक्षकों को निर्देश दिया कि प्रशिक्षण के दौरान सुरक्षा मानकों का पूर्ण रूप से पालन किया जाये। इस अवसर पर अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन सह जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी अजय कुमार ठाकुर,सहायक आपदा प्रबंधन पदाधिकारी अररिया,प्रखंड विकास पदाधिकारी,अंचल अधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं अन्य जनप्रतिनिधि गण उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में प्रशिक्षकों द्वारा तैराकी का प्रदर्शन किया गया तथा बच्चों को जीवन रक्षक उपायों की जानकारी दी गई। ज्ञातव्य हो कि अररिया जिला एक बहु आपदा प्रवण जिला है। यहां के निवासी प्रतिवर्ष विभिन्न आपदाओं का सामना करते हैं। विगत वर्षों में ऐसा देखा गया है कि किसी जलश्रोत में या उसके आस-पास नहाने अथवा खेलने के क्रम में पानी में डूबने से प्रायः मृत्यु की घटनाऐं हो रही है। आपदा प्रबंधन विभाग एवं जिला प्रशासन इन आपदाओं के रोकथाम एवं पीड़ितों को राहत व बचाव हेतु लगातार प्रयासरत है।
अररिया जिला में एसडीआरएफ की टीम उपलब्ध है। जिसे आवश्यकतानुसार 3 स्थलों पर फारबिसगंज,सिकटी एवं जिला मुख्यालय में प्रतिनियुक्त किया गया है,ताकि किसी घटना की सूचना प्राप्त होने पर तत्काल बचाव एवं राहत कार्य शुरू की जा सके। इसके अलावा जिलांतर्गत कुल 240 युवकों को विभाग द्वारा आपदा मित्र के रूप में प्रशिक्षित किया गया है। जो आपदाओं के दौरान खोज एवं बचाव कार्य हेतु दक्ष हैं। समम-समय पर इनका उपयोग किया जाता है। साथ हीं आपदाओं से बचाव के उपायों को आमजन तक पहुंचाने हेतु जिला एवं अंचल स्तर पर जन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन भी किया जाता है। जिसमें किसी आपदा के दौरान क्या करें क्या ना करें से संबंधित जानकारियां दी जाती है। सुरक्षित तैराकी कार्यक्रम में 06-18 आयुवर्ग के बालकों को तैराकी का प्रशिक्षण दिया जायेगा। बच्चों का प्रशिक्षण प्राधिकरण स्तर से प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर्स के द्वारा प्रतिदिन 2 बैच में दिया जाना निर्धारित है। प्रत्येक बैच में 35 बच्चे प्रशिक्षित होंगे। इस प्रकार इस कार्यक्रम अंतर्गत 4 प्रखंडों (सिकटी, पलासी,कुर्साकांटा एवं फारबिसगंज) में कुल 1680 बच्चों को प्रशिक्षण दिया जायेगा।
