पटना(न्यूज़ क्राइम 24): पटना विश्वविद्यालय के विज्ञान संकाय के शोधार्थी पीछले वर्ष जुलाई 2021 में ही कोर्स वर्क पूरा कर लिये, और नवम्बर के अंत तक सिनॉप्सिस की मंजूरी मिल गई, लेकिन पी.एच.डी के इस दो साल के दरम्यान फैलोशिप का एक रकम भी नही मिल पाई है। जिसके कारण शोधार्थी को शोध कार्य में काफी परेशानियो का सामना करना पड़ रहा है। ये भी एक बहुत बड़ा कारण है कि ईस्ट के ऑक्सफर्ड कहे जाने वाला पटना विश्वविद्यालय को वर्तमान में नैक द्वारा बी+ ग्रेड प्राप्त हुआ है।
शुक्रवार को विज्ञान संकाय के शोधार्थी अपने प्रतिनिधिमंडल पूर्व छात्रसंघ काउंसिल मेंबर श्रवण कुमार के नेतृत्व मे पटना विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो गिरीश कुमार चौधरी से मिलकर अपनी समस्याओं से अवगत कराया। जिसके बाद माननीय कुलपति ने शोधार्थी प्रतिनिधिमंडल को सकारात्मक आश्वासन दिए।
