फुलवारीशरीफ, अजीत। स्तन कैंसर जागरूकता माह के अवसर पर मंगलवार को एम्स पटना के रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग द्वारा ‘पिंक वॉक’ का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की शुरुआत एम्स के एडमिन ब्लॉक से ओपीडी फ़ोयर तक गुलाबी गुब्बारे छोड़कर की गई. इस अवसर पर एम्स के कार्यकारी निदेशक (ब्रिगेडियर) डॉ. राजू अग्रवाल, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनूप कुमार, शैक्षणिक डीन डॉ. पूनम भदानी, रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. प्रीतांजलि सिंह सहित कई वरिष्ठ डॉक्टर उपस्थित थे।
कार्यक्रम में निदेशक डॉ. राजू अग्रवाल ने जनता से संवाद करते हुए कहा कि स्तन कैंसर का समय पर पता लगना ही इसके खतरे को टालने का सबसे प्रभावी तरीका है. उन्होंने लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और नियमित स्वास्थ्य जांच कराने की सलाह दी. वहीं, रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. प्रीतांजलि सिंह ने बताया कि स्तन कैंसर महिलाओं में पाया जाने वाला सबसे आम कैंसर है. ग्लोबोकॉन 2022 के अनुसार विश्वभर में 22.96 लाख और भारत में 1.92 लाख मामले दर्ज किए गए हैं. उन्होंने कहा कि महिलाओं में इसका आजीवन जोखिम हर 8 में से 1 है. भारत में हर 4 मिनट में एक नया मामला और हर 8 मिनट में एक मौत दर्ज होती है, जिसे शीघ्र जांच और जन-जागरूकता से काफी हद तक रोका जा सकता है।
इस अवसर पर नर्सिंग छात्रों ने ओपीडी फ़ोयर में नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया, जिसमें स्तन कैंसर की प्रारंभिक पहचान, स्क्रीनिंग और स्व-परीक्षण के लाभों पर प्रकाश डाला गया. रैली में सीनियर रेजिडेंट, जूनियर रेजिडेंट, नर्सिंग ऑफिसर और रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग के कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। एम्स पटना के अन्य विभागों के प्राध्यापक जैसे डॉ. उपासना (रेडियोलॉजी), डॉ. वीणा (प्लास्टिक सर्जरी) और डॉ. अजहर (सर्जिकल ऑन्कोलॉजी) ने भी कार्यक्रम में शामिल होकर स्तन कैंसर की रोकथाम और जागरूकता के महत्व पर अपने विचार रखे।
