नई दिल्ली/ पटना (अजीत ) : बिहार के सामाजिक कार्यकर्ता अरशद अजमल और रूपेश कुमार (लोक परिषद) ने सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की है. याचिकाकर्ताओं की ओर से सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता वृंदा ग्रोवर पैरवी कर रही हैं.
याचिका में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा 24 जून 2025 को बिहार में शुरू की गई विशेष सघन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया की वैधता पर सवाल उठाया गया है. याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया है कि यह प्रक्रिया संविधान के तहत स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों के सिद्धांतों का उल्लंघन करती है.
याचिका में आरोप है कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए जन्म, निवास और नागरिकता से जुड़े ऐसे दस्तावेज मांगे जा रहे हैं, जो गरीबों, महिलाओं, प्रवासियों और वंचित वर्गों के लिए असंगत और बोझिल हैं.
याचिका में सुप्रीम कोर्ट से इस पूरी प्रक्रिया और 24 जून के आदेश को असंवैधानिक घोषित कर रद्द करने की मांग की गई है.
