अररिया, रंजीत ठाकुर। नरपतगंज प्रखंड क्षेत्र के पथराहा पंचायत अंतर्गत उत्क्रमित मध्य विद्यालय पथराहा हिंदी में नामांकित छात्र 320 हैं जबकि शिक्षकों की संख्या प्रधान सहित मात्र तीन है। जहां कक्षा 6 से 8 तक के लिए स्नातक ग्रेड के शिक्षक की संख्या शून्य है। बता दें कि जहां गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को लेकर बिहार सरकार के अधिकारी कागजों पर अग्रसर है। वहीं धरातल पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा शून्य नजर आ रहा है। शिक्षण कार्य को लेकर सरकार के द्वारा छात्र-छात्रों के हित में लाखों करोड़ों खर्च की जाती है।
वहीं ग्रामीण क्षेत्र के शिक्षण व्यवस्था के साथ अधिकारियों का अनदेखी छात्रों के जीवन के साथ खिलवाड़ है। ग्रामीणों के शिकायत पर खबर संकलन हेतु जब विद्यालय पहुंचे तो वहां उपस्थित प्रधानाध्यापक बेचन पोद्दार से मुलाकात हुई। उनसे पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि विद्यालय में कुल बच्चों की संख्या 320 है तथा प्रधानाध्यापक सहित वर्तमान समय में शिक्षकों की संख्या तीन है। कहा 6 माह से कक्षा 6 से 8 तक में स्नातक ग्रेड के शिक्षकों की संख्या शून्य है। जिससे बच्चों का शिक्षण कार्य प्रभावित होता है जिसको लेकर विभाग के वरीय अधिकारी को मेरे द्वारा कई बार लिखित जानकारी देते हुए खाली पदों पर शिक्षक मुहैया कराने का आवेदन दिया गया है।
वहीं स्थानीय अभिभावक अरुण कुमार सिंह, धीरज सिंह, ललन झा, पवन झा,आदि ने कहा 5 किलोमीटर की दूरी में एकमात्र विद्यालय है जिसकी शिक्षण व्यवस्था काफी सुदृढ़ है। इसके बावजूद शिक्षक की कमी का होना कहीं ना कहीं विभागीय लापरवाही को दर्शाता है। हम लोग सरकार और विभाग से अभिलंब खाली पदों पर शिक्षक भर्ती करने का मांग करते हैं। नरपतगंज प्रभारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी रोहित कुमार चौरसिया ने बताया कि विगत दिनों शिक्षकों का स्थानांतरण हो जाने से कई विद्यालय में शिक्षकों की कमी हो गया है। सूची तैयार की जा रही है। जरूरत व प्राथमिकता के आधार पर शिक्षकों का प्रतिनियुक्ति किया जाएगा।
