पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) बिहार में निर्माण के दौरान ही अर्धनिर्मित पुलों का धराशायी होने का सिलसिला अनवरत जारी है। इसके साथ नवनिर्मित सड़कों के धसने की खबर भी आती रहती है।
उल्लेखनीय है कि पथ और पुल निर्माण विभाग का मंत्रालय केंद्र से लेकर बिहार तक अधिकांश समय भाजपा के मंत्रियों के पास ही रहा है। इन विभागों में भ्रष्टाचार की ख़बरें आती रहती हैं। पिछले दिनों बिहार पथ निर्माण के मुख्य अभियन्ता के यहां छापे में नोट गिनने की मशीन तक का इस्तेमाल तक हुआ था।
पटना महानगर जिला कांग्रेस कमिटी के पूर्व उपाध्यक्ष सह प्रवक्ता राकेश कपूर ने एक बयान जारी करते हुए सरकार से यह मांग की है कि सिर्फ संबंधित अधिकारी की ही जाँच क्यों होती है, विभागीय मंत्री इस जांच से अलग क्यों रहते हैं। क्या आजतक विभागीय मन्त्रियों की संपति जांच की गई है?
श्री कपूर का कहना है कि यह सिर्फ राष्ट्र की क्षति नहीं है बल्कि आम जनता का भी नुकसान है। क्योंकि पुलों या सड़कों के बनने से उनका जीवन आसान होता है। ऐसी अवस्था में यह सरकार का कर्तव्य है कि वह संबंधित मंत्रियों या अधिकारियों पर समुचित कार्रवाई करे।
