बिहार

टीबी मुक्त पंचायत के निर्माण को लेकर हो रही जरूरी पहल

अररिया, रंजीत ठाकुर। जिले में टीबी मुक्त पंचायत अभियान के सफल क्रियान्वयन को लेकर कवायद शुरू हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा इसे लेकर जरूरी पहल की जा रही है। अभियान के पहले चरण में जिले के सभी प्रखंडों से दो-दो पंचायत को चिह्नित किया जाना है। जहां प्रति एक हजार आबादी पर पचास लोगों की टीबी जांच की जायेगी। इसमें दो या दो से कम मरीज मिलने सहित निर्धारित अन्य शर्तों को पूरा करने के बाद संबंधित पंचायत को टीबी मुक्त पंचायत घोषित करने की दिशा में जरूरी पहल की जायेगी।

प्रथम चरण में टीबी मुक्त पंचायत के निर्माण को लेकर कुर्साकांटा प्रखंड के कुर्साकांटा व कुआड़ी पंचायत का चयन किया गया है। वहीं अररिया प्रखंड के बांसबाड़ी व गेड़ा पंचायत का चयन टीबी मुक्त पंचायत निर्माण के लिये किया गया है। इसी कड़ी में कुर्साकांट पीएचसी प्रभारी डॉ जमील की अगुआई विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें प्रखंड के चयनित दोनों पंचायत में कार्यरत आशा कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।

पहले चरण में कुर्साकांटा व कुआड़ी पंचायत चिह्नित
कुर्साकांटा पीएचसी के प्रभारी डॉ जमील ने बताया कि टीबी मुक्त पंचायत अभियान के पहले चरण में प्रखंड के कुर्साकांटा व कुआड़ी पंचायत का चयन किया गया है। अभियान की सफलता को लेकर संबंधित पंचायत की आशा कार्यकर्ताओं को जरूरी प्रशिक्षण दिया गया है। अभियान के तहत चिह्नित पंचायत के प्रत्येक गांव में डोर टू डोर सघन रोगी खोज अभियान संचालित किया जायेगा। निर्धारित चार दिनों में एक पंचायत का सर्वे पूरा करना है। प्रत्येक एक हजार आबादी पर सर्वे के लिये दो सदस्यों की टीम प्रतिनियुक्त की जायेगी। इसमें आशा व एनटीईपी के एक कर्मी शामिल होंगे। सर्वे के क्रम में संभावित मरीजों को चिह्नित किया जायेगा। दूसरे दिन जांच के लिये सैंपल प्राप्त करते हुए इसे नजदीकी डीएमसी में माइक्रोस्कोपिक जांच के लिये भेजा जायेगा।

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जल्द संचालित होगा सघन रोगी खोज अभियान
जिला टीबी समन्वयक सह निक्षय मित्र योजना के नोडल अधिकारी दामोदर शर्मा ने बताया कि टीबी मुक्त पंचायत अभियान के पहले चरण की सफलता के लिये जिले के विभिन्न प्रखंडों से दो-दो पंचायत का चयन किया गया है। कई पंचायतों में सघन रोगी खोज अभियान संचालित करने के लिये माइक्रोप्लान बन कर तैयार है। अभियान की सफलता को लेकर संबंधित पंचायत की आशा कार्यकर्ताओं को विशेष रूप से प्रशिक्षित किया जा रहा है। पंचायत स्तर पर संचालित सघन रोगी खोज अभियान के पश्चात उपलब्ध कराये गये दावों की जांच जिलास्तरीय अधिकारियों की विशेष टीम द्वारा की जायेगी।

समीक्षोपरांत संबंधित पंचायत को टीबी मुक्त घोषित करने की पहल की जायेगी। रोग उन्मूलन के लिये अभियान की सफलता जरूरी सिविल सर्जन डॉ विधानचंद्र सिंह ने बताया कि टीबी रोग के प्रति समुदाय स्तर पर व्याप्त भ्रांतियों को दूर करने, संभावित रोगियों को जांच व इलाज के लिये प्रेरित करने के उद्देश्य से टीबी मुक्त पंचायत अभियान की सफलता बेहद महत्वपूर्ण है। अभियान के पहले चरण में सभी प्रखंडों के एक ऐसे पंचायात का चयन किया जाना है। जहां मरीजों की संख्या सबसे अधिक है। वहीं दूसरा पंचायत वैसा होगा जहां औसतन मरीजों की संख्या कम है।

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