फुलवारीशरीफ(अजीत यादव): बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय और इंदिरा गाँधी आयुर्विज्ञान संस्थान के बीच परस्पर सहयोग हेतु गुरुवार को समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया गया. राज्य के चतुर्थ रोड मैप के तहत वन हेल्थ पर विशेष योजना तैयार की गयी है, जिसके तहत पशु, पक्षी, मानव और पर्यावरण के बेहतर स्वस्थ्य के लिए विभिन्न संस्थाएं मिलकर कार्य करेंगी. विभिन्न संक्रामक रोग एक प्रजाति से दूसरी प्रजाति में प्रसारित होते रहते हैं जिन्हें ज़ूनोटिक रोगों की श्रेणी में रखा जाता है. इस एम.ओ.यू के तहत आई.जी.आई.एम.एस और बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय विशेष क्षमता निर्माण और संक्रामक रोगों की निगरानी व रोकथाम के लिए शोध और प्रशिक्षण पर मिलकर काम करेंगी.
ब्रुसेला, क्षय रोग तथा रेबीज़ जैसे संक्रामक रोगों व खाद्य पदार्थों में कवक जनित विषाक्त कारकों के अद्ध्ययन पर विशेष रूप से कार्य योजना बनाई जा रही है. एंटीबायोटिक के प्रति बढ़ते प्रतिरोधी जीवाणुओं पर भी अनुसंधान कार्य को अंजाम दिया जाएगा. यह पलाटफ़ॉर्म देश में अपनी तरह का एक नया अध्याय है जिस कि सफलता से सर्व प्राणी स्वास्थ्य के मूल-मंत्र को बल मिलेगा. बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के प्रांगण में कुलपति डॉ. रामेशवर सिंह और आई.जी.आई.एम.एस के निदेशक डॉ. बिन्दे कुमार ने एमओयू पर हस्ताक्षर किया।
इस अवसर पर आई.जी.आई.एम.एस की ओर से डॉ. राजेश कुमार, डॉ. ओम कुमार, डॉ. मनीष मंडल, डॉ. नम्रता कुमारी तथा बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय की ओर से बिहार पशु चिकित्सा महाविद्यालय के डीन डॉ. जे.के. प्रसाद, कुलसचिव डॉ. संजीव कुमार, डॉ.पंकज कुमार सिंह, डॉ. पुरुषोत्तम कौशिक, डॉ. अंजय, डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार और उपस्थित थे।
