फुलवारीशरीफ, अजीत। रविवार को पटना के फुलवारी शरीफ में निकला 205 वां माता की डॉली (खप्पड़ ) पूजा में भक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा . आगे-आगे हाथ में जलता हुआ खप्पर लेकर दौड़ते मंदिर के पुजारी जितमोहन पंडित और उसके पीछे हजारों श्रद्धालुओं की तादाद . श्रद्धालुओं का सैलाब हाथों में पारंपरिक हथियार, तलवार, भाला त्रिशूल लिए माता के जयकारे लगाते रहे जिससे चारों दिशाएं गूंजने लगी . पटना के फुलवारी शरीफ में निकले खप्पड पूजा माता की डाली श्रावणी महोत्सव में काली मईया की जय काली मईया की जय देवी मईया की जय देवी मईया की जय के नारे लगाते करीब 70 हजार से अधिक श्रद्धालुओं का सैलाब अपने शहर के नारे लगाते हुए करीब दो सौ साल से अधिक पुरानी आस्था और परम्परा को आज भी जिस उत्साह से निभा रहे हैं उसका स्वरूप देख लोग आश्चर्यचकित थे . आस्था की एक अनोखी तस्वीर देखने को मिल रही थी . यह दृश्य किसी को भी एक बार रोमांचित करने के लिए काफी था .
सात बजकर तीस मिनट पर आस्था की एक अनोखी तसवीर शहर के प्रखंड मुख्यालय के सामने स्थित मां काली मंदिर से निकलते हुए जिन लोगों ने देखा वे अपने को धन्य महसूस करे रहे थे . श्री देवी स्थान माता मंदिर से शुरू हुई खप्पर परिक्रमा जहां-जहां से गुजरी माहौल भक्तिमय हो उठा .क्या बच्चों क्या जवान सबका उत्साह और भक्ति देखते ही बन रहा था. इस खप्पर पूजा में हजारों की संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं . श्रद्धालुओं का सैलाब माता के जयकारे लगाता पारंपरिक हथियार, तलवार, भाला, लाठी आदि लेकर माता काली के मंदिर से निकलकर टमटम पड़ाव, चौराहा गली, सदर बाज़ार, प्रखंड मुख्यालय मोड़ होकर वापस मंदिर पहुंचा .
इस बीच पूरा इलाका जय माता दी के जयकारों से गूंजता रहा . लगभग डेढ़ किलोमीटर तक नगर भ्रमण के बाद खप्पर की परिक्रमा मंदिर परसिरे में आकर संपन्न हुई । फिर पूजा- अर्चना के बाद प्रसाद वितरण हुआ. पूजा को लेकर चप्पे-चप्पे पर पुलिस की तैनाती की गई थी. इसके लिए फुलवारी से सटे सभी थानों से जवानों को बुलाया गया था . परिक्रमा शुरू होने से एक घंटा पहले ही पटना को जाने और आने वाली सभी गाडिम्यों को दो किलोमीटर से पहले ही रोक लगा दी गई .इस अनोखे अयोजन को देखने के लिए सुबह से ही लोग संगत पर माता के मंदिर में पहुँचने लगे थे .दोपहर बाद हजारों श्रद्धलुओ के सैलाब से शहर पट गया था | सुबह से ही मंदिर में पूजन हवन चल रहा था .
खप्पर पूजा को लेकर ऐसी मान्यता है कि करीब 200 साल पहले महामारी से फुलवारी शरीफ और आस-पास के लोगों की जान बचाने के लिए पहली बार माता की डाली निकली थी . इसके बाद इलाके के सभी लोग ठीक हो गए थे और तब से आज तक हर वर्ष डाली पूजा की परंपरा चली आ रही है।
पटना के फुलवारी शरीफ में रविवार की देर शाम वर्षों पुराना परंपरा के तहत निकले माता की डाली खप्पर पूजा में शामिल होने के लिए दूर-दराज से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और माता की डाली निकालने के पहले मंदिर में हुई पूजा अर्चना में शामिल हुए . इस पूरे आयोजन में मंदिर में पूजा अर्चना करने पहुंचे सांसद रामकृपाल यादव की मंदिर के पुजारी जितमोहन पंडित एवं अध्यक्ष देवेंद्र प्रसाद ने स्वागत किया . वही डाली परिक्रमा के दौरान चौराहा के पास नगर परिषद अध्यक्ष आफताब आलम राजद नेता कौशर खान वार्ड परिषद मोहम्मद मिनहाज आलम समेत कई जनप्रतिनिधियों ने परिक्रमा में शामिल श्रद्धालुओं का स्वागत किया।
पटना सदर एसडीएम के नेतृत्व में पटना सिटी एसपी पश्चिमी राजेश कुमार वीडियो मुकेश कुमार एडिशनल एसपी फुलवारी शरीफ विक्रम सेहाग थाना अध्यक्ष सफिर आलम फुलवारी बेउर थाना अध्यक्ष अतूलेश कुमार जानीपुर थाना अध्यक्ष दीपक कुमार स्पेशल ब्रांच ऑफिसर केशरी चंद गर्दनीबाग खगौल समित आसपास के कई स्थानों के थाना अध्यक्ष रैपिड एक्शन फोर्स के साथ सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाले हुए दौड़ते भाग के नजर आए।
